मनाली :जून माह में भी ऊंची चोटियों पर बने ठंडे मौसम और हाल ही में हुए हिमपात ने पर्यटकों को रोहतांग दर्रे की ओर आकर्षित कर दिया है। सप्ताहांत के दौरान बड़ी संख्या में सैलानी रोहतांग और उससे सटे क्षेत्रों का रुख कर रहे हैं। ताजा बर्फ देखने की चाह में पर्यटकों का तांता मढ़ी तक लगा रहा, जबकि रानी नाला क्षेत्र में मौजूद विशाल ग्लेशियर लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। रोहतांग दर्रे की ओर जाने वाले मार्ग पर सुबह से ही पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने लगी थी। मढ़ी में बड़ी संख्या में पर्यटक वाहन पहुंचे, जिससे यहां दिनभर चहल-पहल बनी रही। पर्यटक बर्फ के बीच फोटोग्राफी, सेल्फी और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेते नजर आए। कई पर्यटकों ने बताया कि जून में भी बर्फ देखने का अनुभव उनके लिए यादगार साबित हो रहा है।
रानी नाला क्षेत्र में मौजूद ग्लेशियर भी सैलानियों को अपनी ओर खींच रहा है। सड़क के किनारे जमी बर्फ और ऊंचे पहाड़ों के बीच फैले ग्लेशियर को देखने के लिए पर्यटक विशेष रूप से रुक रहे हैं। यहां बड़ी संख्या में लोग बर्फ के साथ तस्वीरें खिंचवाते और प्राकृतिक नजारों का आनंद लेते दिखाई दिए। स्थानीय पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि रोहतांग क्षेत्र में बर्फ की मौजूदगी पर्यटकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण बनी हुई है। उधर, पहाड़ों में लगातार बने ठंडे मौसम के कारण मनाली में पर्यटकों की संख्या में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। माल रोड, वशिष्ठ, सोलंगनाला और आसपास के पर्यटन स्थलों पर दिनभर पर्यटकों की भीड़ देखने को मिली। होटल, होम-स्टे और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में पर्यटकों की आमद में तेजी आई है, जिससे पर्यटन कारोबार को भी राहत मिली है।
हालांकि बढ़ती पर्यटक आवाजाही का असर यातायात व्यवस्था पर भी दिखाई दिया। चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंडी से औट तक कई स्थानों पर लंबा जाम लगा रहा। वाहनों की अधिक संख्या के कारण यातायात की रफ्तार काफी धीमी हो गई और वाहन रेंगते नजर आए। कई स्थानों पर पर्यटकों और स्थानीय लोगों को लगभग दो घंटे तक जाम में फंसे रहना पड़ा। जाम के कारण लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में काफी देरी हुई। पुलिस और प्रशासन ने पर्यटकों से यातायात नियमों का पालन करने तथा यात्रा के दौरान अतिरिक्त समय लेकर चलने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि सप्ताहांत और पर्यटन सीजन के दौरान वाहनों की संख्या बढ़ने से यातायात दबाव स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है, ऐसे में लोगों का सहयोग आवश्यक है।