शिमला : ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रदेश में बीपीएल परिवारों की पहचान के लिए सर्वेक्षण के चौथा चरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बीपीएल में शामिल होने के लिए पात्र परिवारों को आवेदन करने के लिए मात्र दो दिन बाकी बचे हैं। बीपीएल परिवारों की चौथे चरण की सूची 25 फरवरी तक प्रकाशित की जाएगा। बीपीएल के लिए आवेदन करने के लिए 17 फरवरी अंतिम तिथि तय की गई है। पहले बीपीएल सूची में शामिल होने के लिए परिवार के मुखिया की दिव्यांगता 50 प्रतिशत होना अनिवार्य थी। लेकिन अब नए नियमों के तहत अब इसे घटाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है। ग्रामीण विकास विभाग के सचिव सीपाल रासू की ओर से नए नियम अधिसूचित किए गए। पहले बीपीएल में शामिल होने के लिए मनरेगा में 100 दिन का काम होना अनिवार्य था, इसे घटाकर 80 दिन कर दिया गया है। पहली बार एक विशेष श्रेणी को जोड़ा गया है प्रदेश सरकार ने बीपीएल परिवारों के चयन के लिए पात्रता मानदंडों में छूट दी है। सरकार के इस कदम से अब हजारों नए परिवारों के लिए बीपीएल सूची में शामिल होने का रास्ता साफ हो गया है।
सरकार ने मुख्य रूप से दो पुरानी शर्तों में बदलाव किया है और एक नई मानवीय शर्त जोड़ी हैं। इसके मुताबिक यदि परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य किसी दुर्घटना के कारण रीढ़ की हड्डी में चोट लगने से स्थायी रूप से बिस्तर पर या अशक्त हो गया है, तो उस परिवार को सीधे पात्रता दी जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन परिवारों ने पहले आवेदन किया था और किन्हीं कारणों से वे अपात्र हो गए थे, उनके आवेदनों की भी नए नियमों के आधार पर दोबारा समीक्षा की जाएगी। मानकों पर खरे उतरने वाले को सूची में शामिल किया जाएगा।