गढ़चिरौली: पूर्वी महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में बुधवार को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई एक भीषण मुठभेड़ में तीन महिलाओं समेत चार नक्सली मारे गए। यह ऑपरेशन गढ़चिरौली और छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले की सीमा से लगे घने जंगलों में चलाया गया, जहाँ भारी बारिश के बावजूद सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के मंसूबों को नाकाम कर दिया।
खुफिया सूचना पर हुई कार्रवाई
पुलिस को 25 अगस्त को एक विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली थी कि गट्टा दलम कंपनी नंबर 10 और गढ़चिरौली डिवीजन के अन्य माओवादी संगठन कोपरशी वन क्षेत्र में डेरा डाले हुए हैं। इस सूचना के आधार पर, गढ़चिरौली पुलिस ने एक बड़ा ऑपरेशन प्लान किया।
गढ़चिरौली पुलिस की विशेष एंटी-नक्सल कमांडो फोर्स C-60 की 19 टुकड़ियों और CRPF की क्विक एक्शन टीम (QAT) की दो इकाइयों को इस मिशन पर भेजा गया। लगातार हो रही भारी बारिश के बावजूद, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के नेतृत्व में टीम ने बुधवार सुबह जंगल में अपनी घेराबंदी पूरी की।
8 घंटे तक चली मुठभेड़
जैसे ही सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान शुरू किया, नक्सलियों ने उन पर फायरिंग कर दी। जवाब में सुरक्षा बलों ने भी मोर्चा संभाला और जोरदार गोलीबारी की।
1. रुक-रुक कर हुई फायरिंग: दोनों ओर से लगभग आठ घंटे तक रुक-रुक कर गोलीबारी चलती रही।
2. चार नक्सली मारे गए: मुठभेड़ समाप्त होने के बाद, सुरक्षाबलों ने इलाके की तलाशी ली, जहाँ से तीन महिला और एक पुरुष नक्सली के शव बरामद किए गए।
भारी मात्रा में हथियार बरामद
घटनास्थल से सुरक्षाबलों ने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया है, जिसमें एक एसएलआर राइफल, दो इंसास राइफलें और एक .303 राइफल शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया है कि इलाके में अभी भी अन्य नक्सलियों के छिपे होने की आशंका है, जिनकी तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है।