हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने 'विश्व हृदय दिवस' के अवसर पर राज्य के नागरिकों को दिल की सेहत के प्रति सतर्क और जागरूक रहने का आह्वान किया है। राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम (NP-NCD) और स्वास्थ्य विभाग हरियाणा के तहत जारी एक विशेष जन-जागरूकता संदेश में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) हृदय रोगों का सबसे बड़ा और रोके जाने योग्य जोखिम कारक है, जिसे एक 'साइलेंट किलर' भी माना जाता है। इस खतरे से बचने के लिए 30 वर्ष और उससे अधिक आयु के प्रत्येक व्यक्ति को वर्ष में कम से कम एक बार अपने ब्लड प्रेशर की जांच अवश्य करानी चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने विशेष रूप से उच्च रक्तचाप से पीड़ित मरीजों को नियमित सलाह लेने, जटिलताओं से बचने के लिए डॉक्टरों द्वारा सुझाई गई दवाइयों का नियमित सेवन करने, खुद से दवा न बदलने और अपने नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या एनसीडी क्लिनिक में नियमित रूप से फॉलो-अप कराने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि शारीरिक निष्क्रियता, मोटापा, असंतुलित खान-पान, तंबाकू एवं शराब का सेवन और अत्यधिक तनाव दिल की बीमारियों के प्रमुख जोखिम कारण हैं। इनसे बचाव के लिए नागरिकों को सप्ताह में कम से कम 5 दिन प्रतिदिन 30 से 45 मिनट नियमित व्यायाम करना चाहिए, अपने शरीर का वजन नियंत्रित रखना चाहिए और भोजन में नमक की मात्रा कम रखते हुए ताजे फल एवं सब्जियों का अधिक सेवन करना चाहिए।
इसके साथ ही, तंबाकू व शराब के सेवन से दूर रहकर तथा योग व ध्यान (मेडिटेशन) को अपनी दिनचर्या में शामिल करके एक स्वस्थ व खुशहाल जीवन जिया जा सकता है।