चंडीगढ़/मोहाली: विभिन्न जेलों में बंद सिख कैदियों की रिहाई की मांग पर हुई हिंसक झड़प को लेकर अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। यह झड़प बुधवार को चंडीगढ़/मोहाली सीमा पर तब हुई जब प्रदर्शनकारियों ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास तक जाने की कोशिश की। इस बीच, बृहस्पतिवार को सेक्टर 52/53 डिवाइडर एवं मोहाली-चंडीगढ़ सीमा पर कौमी इंसाफ मोर्चा के सदस्यों ने धरना दिया। धरनास्थल पर सुबह से ही स्थिति तनावपूर्ण नजर आई। एक दिन पहले की हिंसा को देखते हुए एसएसपी डॉ. संदीप गर्ग खुद सुरक्षा इंतजामों को लेकर मुस्तैद नजर आए। पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात नजर आया। बताया गया कि हिंसक झड़प को लेकर मटौर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा-307, 353, 188, 148, 149, और 120बी के तहत केस दर्ज किया है।
झड़प के संबंध में पुलिस अधिकारियों ने दावा किया कि 11 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पंजाब के एडीजीपी (कानून व्यवस्था) अर्पित शुक्ला ने कहा, 'हमने झड़प के संबंध में मोहाली में एक अलग प्राथमिकी दर्ज की है। हम आरोपियों की पहचान कर रहे हैं।' बता दें कि प्रदर्शनकारी 7 जनवरी से यहां धरने पर बैठे हैं और पंजाब आतंकवाद के दौरान आतंकी गतिविधियों के लिए दोषी ठहराए गए सिख कैदियों की रिहाई की मांग कर रहे हैं। इस बीच, नाम न छापने की शर्त पर अधिकारियों ने कहा, 'कैदियों को रिहा करने की पावर केंद्र सरकार के पास है, दुखद है कि हिंसा यहां हुई।'
उधर, झड़प में घायल पुलिसकर्मियों को फेस-6 स्थित सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी खैरियत लेने के लिए एडीजीपी (लॉ एंड आर्डर) अर्पित शुक्ला, आईजी गुरप्रीत सिंह भुल्लर, एसएसपी डॉ. संदीप गर्ग व अन्य पुलिस अधिकारी अस्पताल पहुंचे।
चंडीगढ़ में भी कई संगीन धाराओं में केस
चंडीगढ़ में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने खालिस्तान समर्थक नारे लगाते हुए आंसू गैस के गोले दागने वाली बंदूक एवं उसके कारतूस छीने और पुलिसकर्मियों को जान से मारने की कोशिश की। बताया गया कि चंडीगढ़ पुलिस के 30 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं और पुलिस के कई वाहनों को नुकसान पहुंचा था। पुलिस ने प्राथमिकी में प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कौमी इंसाफ मोर्चा से जुड़े सात लोगों का नाम दर्ज किया है। इनमें ‘कौमी इंसाफ मोर्चा' के गुरचरण सिंह, बलविंदर सिंह, अमर सिंह चहल और दिलशेर सिंह जंडियाला शामिल हैं। प्राथमिकी के अनुसार कई अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ धारा 307 (हत्या का प्रयास) सहित 17 धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। चंडीगढ़ पुलिस ने इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी जारी किया है।