धर्मशाला : प्रदेश में आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए राज्य सरकार हर जिला में स्टेट डिजास्टर रिलीफ स्टोर स्थापित करेगी। इन स्टोरों में आपदा के समय प्रभावित लोगों को तुरंत राहत पहुंचाने के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध रहेगी। साथ ही राज्य में 70 हजार लोगों को सिविल डिफेंस सेवाओं के लिए तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। यह जानकारी स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स की महानिदेशक आईपीएस सतवंत अटवाल त्रिवेदी ने दी। वह एचपीय के क्षेत्रीय केंद्र खनियारा, धर्मशाला में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रही थीं।
एचपीयू के कुलपति प्रो. महावीर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। डीजी एसडीआरएफ सतवंत अटवाल त्रिवेदी ने बताया कि हर जिला में स्थापित होने वाले एसडीआरएस में आपदा की स्थिति में डिग्निटी किट उपलब्ध कराई जाएगी। इन किटों में भोजन, पानी, गर्म कपड़े, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री शामिल होगी, ताकि प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता मिल सके।
जलवायु परिवर्तन से आपदाएं
हिमाचल में जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। शिमला और धर्मशाला जैसे क्षेत्रों में समय से पहले गर्मी पड़ रही है, जिसका असर खेती और बागबानी पर भी पड़ रहा है।
बादल फटने की घटनाएं बढ़ीं
सतवंत अटवाल त्रिवेदी ने कहा कि राज्य में बादल फटने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। हाल ही में आपदा के दौरान एसडीआरएफ और पुलिस के जवान 52 दिन तक थुनाग क्षेत्र में लगातार तैनात रहे, जहां हालात बेहद चुनौतीपूर्ण थे।
हिमालयी क्षेत्रों में कम हो रही बर्फबारी
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने कहा कि हिमाचल के हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी कम हो रही है और ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। विश्वविद्यालय में आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए पांच नए सेंटर स्थापित किए गए हैं। इनमें डिजास्टर मैनेजमेंट, ग्रीन एनर्जी, साइबर, इंडियन नॉलेज सिस्टम और अन्य विषय शामिल हैं। इन केंद्रों से छात्र कभी भी जुड़ सकते हैं।