हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 'हरियाणा विजन-2047' के तहत जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश के हर घर तक स्वच्छ पेयजल और बेहतर सीवरेज सुविधा पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसे समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए। विकसित देशों की तर्ज पर बनेगा वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर मुख्यमंत्री ने राज्य में पानी और सीवरेज की व्यवस्था को वैश्विक स्तर का बनाने पर जोर दिया। बैठक में लिए गए प्रमुख फैसले इस प्रकार हैं:
हर 5000 की आबादी पर ट्रीटेमेंट प्लांट: मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में हर 5000 की आबादी वाले क्षेत्रों के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने की कार्ययोजना (Action Plan) तैयार की जाए।
नहरी पानी से जुड़ेंगे जलघर: शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य के सभी जलघरों (Waterworks) को नहरी पानी के नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
स्मार्ट शहरों में 24 घंटे पानी: भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्मार्ट शहरों में 24 घंटे निरंतर पेयजल आपूर्ति (24x7 Water Supply) की दिशा में तेजी से काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
नई कॉलोनियों और अलॉटेड प्लॉटों में मिलेंगी मूलभूत सुविधाएं
बैठक के दौरान सरकार द्वारा अलॉट किए गए 100-100 वर्ग गज के प्लॉटों, नई कॉलोनियों और हाल ही में मंजूर (Approved) की गई कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इन क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को पानी और सीवरेज के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
एआई (AI) से होगा शिकायतों का समाधान और रीसाइकिल पानी पर जोर
आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देते हुए बैठक में कई और महत्वपूर्ण बिंदुओं पर रणनीति बनाई गई:
सीवरेज व्यवस्था का विस्तार और रीसाइकिल: सीवरेज नेटवर्क को बढ़ाने के साथ-साथ उपचारित जल (Treated Water) के पुनः उपयोग (Reuse) की संभावनाओं पर जोर दिया गया ताकि पानी की बर्बादी रोकी जा सके।
AI आधारित शिकायत विश्लेषण: आम जनता की पानी और सीवरेज से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित शिकायत प्रणाली विकसित की जाएगी, जो शिकायतों का विश्लेषण कर उनके निपटारे को गति देगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विजन-2047 के इन लक्ष्यों को धरातल पर उतारने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें ताकि हरियाणा को जल प्रबंधन के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य बनाया जा सके।