चंडीगढ़ : हरियाणा में उपमंडल स्तर पर प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती आमतौर पर अपेक्षाकृत कम अवधि के लिए होती रही है। कई मामलों में एक वर्ष से पहले ही तबादला हो जाता है। ऐसे में 2019 बैच के दो HCS अधिकारियों—राजेंद्र कुमार और दर्शन कुमार—का एक ही उपमंडल में लगातार चार वर्ष से अधिक समय तक तैनात रहना प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार, जो हरियाणा की प्रशासनिक व्यवस्था पर शोध एवं विश्लेषण करते रहे हैं, के अनुसार राजेंद्र कुमार सिरसा उपमंडल और दर्शन कुमार अम्बाला उपमंडल में सितंबर 2022 से लगातार एसडीओ (सिविल) के पद पर तैनात हैं। व्यवहार में इसी पद को सामान्यतः एसडीएम कहा जाता है।
खास बात यह है कि दोनों की वर्तमान तैनाती 12 मार्च 2024 को नायब सिंह सैनी के पहली बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से भी पहले की है। अक्टूबर 2024 में मुख्यमंत्री के रूप में उनकी दूसरी पारी शुरू होने के बाद भी दोनों अधिकारी अपने-अपने उपमंडल में बने रहे।
SDM नहीं, सरकारी पदनाम है SDO (Civil)
हेमंत कुमार के मुताबिक हरियाणा में उपमंडल स्तर पर अधिकारी का सरकारी प्रशासनिक पदनाम Sub-Divisional Officer (Civil)—SDO (Civil) है। आम प्रशासनिक एवं जनभाषा में इसे Sub-Divisional Magistrate—SDM कहा जाता है।
एसडीएम शब्द का विधिक संदर्भ पहले दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 में था और 1 जुलाई 2024 से लागू भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) में भी उपमंडल स्तर पर मजिस्ट्रेट संबंधी व्यवस्था का उल्लेख है।
दोनों सीधे HCS भर्ती से नहीं आए
राजेंद्र कुमार और दर्शन कुमार के लंबे कार्यकाल की एक और समानता यह है कि दोनों सीधी HCS भर्ती से सेवा में नहीं आए, बल्कि वर्ष 2019 में रजिस्टर A-I यानी तहसीलदार/जिला राजस्व अधिकारी (DRO) वर्ग से HCS में शामिल हुए।
सितंबर 2022 में राजेंद्र कुमार को सिरसा में SDO (Civil) नियुक्त किया गया था। वे इसके साथ HSVP के Estate Officer, Sirsa की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।
दूसरी ओर दर्शन कुमार को सितंबर 2022 में अम्बाला में SDO (Civil) लगाया गया था। वे समय-समय पर HSVP Estate Officer, Ambala का अतिरिक्त कार्यभार भी संभाल चुके हैं। वर्तमान में यह जिम्मेदारी उनके पास नहीं है। जुलाई 2026 में राज्य सरकार ने उन्हें अम्बाला में प्रस्तावित IMT से संबंधित भूमि अधिग्रहण/प्रबंधन का नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया।
अम्बाला के SDM दर्शन कुमार: ढाई साल में चार चुनाव, चार अलग भूमिकाएं
दर्शन कुमार की अम्बाला में लंबी तैनाती के दौरान उनकी चुनावी जिम्मेदारियां भी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही हैं। उपलब्ध विवरण के अनुसार अप्रैल 2024 से सितंबर 2025 के बीच हुए चार अलग-अलग चुनावों में उन्होंने निर्वाचन संबंधी जिम्मेदारी निभाई।
1. लोकसभा चुनाव 2024 — ARO
अप्रैल-मई 2024 में हुए 18वीं लोकसभा चुनाव में दर्शन कुमार ने अम्बाला संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत अम्बाला शहर विधानसभा क्षेत्र में Assistant Returning Officer (ARO) की जिम्मेदारी निभाई।
2. हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 — RO
सितंबर-अक्टूबर 2024 के विधानसभा चुनाव में उन्हें अम्बाला शहर विधानसभा क्षेत्र-5 का Returning Officer (RO) नियुक्त किया गया।
3. नगर निगम मेयर उपचुनाव 2025 — RO
फरवरी-मार्च 2025 में हुए अम्बाला नगर निगम मेयर उपचुनाव में भी दर्शन कुमार Returning Officer रहे। चुनाव परिणाम के बाद विजयी प्रत्याशी शैलजा सचदेवा को निर्वाचन प्रमाणपत्र भी उनके हस्ताक्षर से प्रदान किया गया।
4. जिला परिषद अध्यक्ष चुनाव 2025 — RO
सितंबर 2025 में अम्बाला जिला परिषद अध्यक्ष की रिक्त सीट के लिए हुए चुनाव में भी उन्होंने Returning Officer की भूमिका निभाई।
चार चुनाव, दो तरह की भूमिका
इस तरह करीब डेढ़ वर्ष की अवधि में उनके खाते में एक लोकसभा चुनाव में ARO तथा विधानसभा, नगर निगम मेयर उपचुनाव और जिला परिषद अध्यक्ष चुनाव में RO की जिम्मेदारी रही।
2026 के नगर निगम चुनाव में क्यों बदली जिम्मेदारी?
अप्रैल-मई 2026 में अम्बाला नगर निगम के मेयर और सभी 20 वार्डों के आम चुनाव के दौरान दर्शन कुमार को Returning Officer नहीं बनाया गया।
हेमंत कुमार के अनुसार उन्होंने उस समय राज्य निर्वाचन आयोग के समक्ष इस संबंध में प्रतिनिधित्व भी किया था। उनके मुताबिक लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात अधिकारियों को चुनावी ड्यूटी से अलग रखने संबंधी निर्वाचन व्यवस्था के संदर्भ में इस बार दर्शन कुमार के स्थान पर तत्कालीन ADC विराट, HCS को Returning Officer की जिम्मेदारी दी गई।
यह पहलू इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि इससे पहले अम्बाला में हुए कई चुनावों में दर्शन कुमार निर्वाचन अधिकारी की भूमिका निभा चुके थे।
कभी 2-3 साल की तैनाती असामान्य नहीं थी
हेमंत कुमार के अनुसार कुछ दशक पहले तक हरियाणा के महत्वपूर्ण उपमंडलों में HCS अधिकारियों का दो से तीन वर्ष तक SDO (Civil)/SDM के रूप में रहना अपेक्षाकृत सामान्य था। हालांकि हाल के वर्षों में अधिकारियों की संख्या बढ़ने और प्रशासनिक पुनर्तैनाती की गति के बीच लंबे समय तक एक ही उपमंडल में तैनाती अपेक्षाकृत कम दिखाई देती है।
सीधी भर्ती से आने वाले IAS अधिकारियों को भी प्रशिक्षण एवं फील्ड अनुभव के दौरान SDM/SDO (Civil) स्तर की जिम्मेदारियां दी जाती हैं, लेकिन उनकी फील्ड पोस्टिंग आमतौर पर सीमित अवधि की होती है।
अम्बाला के वर्तमान उपायुक्त सचिन गुप्ता, IAS भी अगस्त 2020 से जुलाई 2021 तक अम्बाला में SDM रह चुके हैं।
एक ही उपमंडल में 4 साल: संयोग या बदलती प्रशासनिक परंपरा?
सिरसा के राजेंद्र कुमार और अम्बाला के दर्शन कुमार की लगातार चार वर्ष की तैनाती ने हरियाणा की SDO (Civil)/SDM पोस्टिंग व्यवस्था, स्थानांतरण नीति और प्रशासनिक निरंतरता को लेकर एक दिलचस्प सवाल जरूर खड़ा किया है।
एक तरफ लंबे कार्यकाल से किसी अधिकारी को क्षेत्र की प्रशासनिक व्यवस्था, स्थानीय संस्थाओं और चुनावी तंत्र का गहरा अनुभव मिलता है; दूसरी तरफ लंबे समय तक एक ही स्थान पर तैनाती को लेकर स्थानांतरण एवं चुनाव संबंधी सामान्य प्रशासनिक मानकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
सितंबर 2026 में चार वर्ष पूरे करने वाले इन दोनों HCS अधिकारियों की तैनाती इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि यह कार्यकाल मौजूदा मुख्यमंत्री के कार्यकाल से पहले शुरू हुआ और अब तक जारी है।