चंडीगढ़ : हरियाणा विधानसभा के पूर्व स्पीकर एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता कुलदीप शर्मा ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र लिखकर हरियाणा में पार्टी के भविष्य की रणनीति को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट के उस विचार की सराहना की है, जिसमें राहुल गांधी के नेतृत्व में सामूहिक नेतृत्व के साथ चुनाव लड़ने की बात कही गई है।
कुलदीप शर्मा ने कहा कि यह विचार कांग्रेस को उसकी मूल राजनीतिक विचारधारा और परंपरा की ओर वापस ले जाता है। उनके अनुसार चुनाव किसी एक मुख्यमंत्री चेहरे के बजाय पार्टी की विचारधारा, नीतियों और सामूहिक नेतृत्व के आधार पर लड़े जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति या परिवार को मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में आगे करने से पार्टी की संभावनाएं सीमित हो जाती हैं।
हरियाणा का उदाहरण देते हुए पूर्व स्पीकर ने पत्र में कहा कि प्रदेश में कांग्रेस को लगातार चुनावी नुकसान का सामना करना पड़ा है और इसके पीछे एक व्यक्ति तथा बाद में उसके बेटे को मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में पेश करने की रणनीति भी एक कारण रही है।
उन्होंने कहा कि चुनाव से काफी पहले खुद को मुख्यमंत्री पद का दावेदार बताने की कोशिश संबंधित व्यक्ति के लिए भले ही राजनीतिक रूप से लाभदायक हो सकती है, लेकिन इसका पार्टी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इससे हरियाणा में कांग्रेस को उसके मूल विचारों और व्यापक सामाजिक आधार के अनुरूप पुनर्गठित करने की संभावनाएं कमजोर होती हैं।
कुलदीप शर्मा ने पत्र में कहा कि इस तरह की व्यक्तिगत ब्रांडिंग से पार्टी के व्यापक राजनीतिक संदेश के बजाय संबंधित नेता की व्यक्तिगत छवि अधिक प्रमुखता से सामने आती है। उनका मानना है कि कांग्रेस का सामाजिक और आर्थिक संदेश व्यापक वर्गों तक पहुंचने वाला होना चाहिए, जबकि किसी एक चेहरे को आगे करने से पार्टी का दायरा सीमित हो जाता है।
उन्होंने विशेष रूप से दीपेंद्र सिंह हुड्डा का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके द्वारा वर्ष 2029 के लिए खुद को मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में पेश किए जाने की कोशिश कांग्रेस के जनाधार और पहुंच को सीमित कर रही है। इससे विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक वर्गों को कांग्रेस के साथ जोड़कर व्यापक गठबंधन तैयार करने की संभावनाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।
पूर्व स्पीकर ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष से आग्रह किया कि पार्टी के हित में इस प्रकार की व्यक्तिगत मुख्यमंत्री पद की दावेदारी को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों पर रोक लगाई जाए। इसके बजाय हरियाणा में सामूहिक नेतृत्व की अवधारणा को व्यवहार में लागू किया जाए।
उन्होंने कहा कि भविष्य में मुख्यमंत्री पद का चेहरा कौन होगा, इसका निर्णय अभी से किसी व्यक्ति विशेष के पक्ष में करने के बजाय कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व पर छोड़ दिया जाना चाहिए। उनका जोर इस बात पर रहा कि फिलहाल पार्टी को संगठन को मजबूत करने, व्यापक जनाधार तैयार करने और सामूहिक नेतृत्व के साथ आगे बढ़ने पर ध्यान देना चाहिए।