पंचकूला : हरियाणा में एक खेल सामग्री निर्माता कंपनी के डायरेक्टर से खुद को सरकारी अधिकारी बताने वाले एक शातिर गिरोह द्वारा करीब 3.50 करोड़ रुपये हड़पने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ठगी के शिकार हुए 'शिव नरेश स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड' के डायरेक्टर शिव प्रकाश सिंह की शिकायत पर पंचकूला के सेक्टर-20 थाना पुलिस ने एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। मामले की गंभीरता और बड़ी रकम को देखते हुए पंचकूला पुलिस कमिश्नरेट के आदेश पर इस केस की जांच क्राइम ब्रांच (सेक्टर-26) को सौंप दी गई है। शिकायत के अनुसार, 'शिव नरेश स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड' पिछले 30 वर्षों से खेल सामग्री और स्पोर्ट्स यूनिफॉर्म बनाने के कारोबार में है: अटका था भुगतान: वर्ष 2023 में गोवा में आयोजित नेशनल गेम्स के लिए कंपनी ने हरियाणा ओलिंपिक एसोसिएशन को करीब 2.50 करोड़ रुपये का खेल सामान तत्काल सप्लाई किया था। सामान की डिलीवरी होने के बावजूद यह भुगतान लंबे समय से अटका हुआ था।
फर्जी ऑब्जर्वर की एंट्री: भुगतान न होने से परेशान डायरेक्टर शिव प्रकाश सिंह से करनाल निवासी मोहित सैनी नाम के व्यक्ति ने संपर्क किया। मोहित ने खुद को हरियाणा खेल विभाग का 'ऑब्जर्वर' बताया और दावा किया कि उसकी हरियाणा ओलिंपिक एसोसिएशन व कई सरकारी विभागों में ऊंची पहुंच है, जिससे वह अटका हुआ पेमेंट तुरंत रिलीज करवा देगा।
शिकायत के मुताबिक, सितंबर 2025 में मोहित सैनी ने पीड़ित को झांसा दिया कि भुगतान की फाइल फाइनेंस डिपार्टमेंट (वित्त विभाग) में पहुंच गई है। इसके बाद जसवंत नाम के एक अन्य व्यक्ति ने खुद को फाइनेंस अफसर बताकर फोन और व्हाट्सएप पर बातचीत शुरू की। गिरोह ने फाइल को आगे बढ़ाने और चेक जारी करवाने के एवज में पहली किस्त के रूप में 50 लाख रुपये की मांग की। पीड़ित ने भरोसा करके बैंक ट्रांसफर, IMPS और नकद माध्यमों से अलग-अलग तारीखों में यह रकम आरोपियों द्वारा बताए गए 4 बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी। इसके बाद गिरोह ने महेश, रविंद्र, नरेश और अनिरुद्ध नाम के अन्य लोगों को भी अलग-अलग विभागों का अधिकारी बताकर इस बातचीत में शामिल कर लिया।
पीड़ित शिव प्रकाश सिंह का आरोप है कि जब काफी समय बीतने के बाद भी भुगतान नहीं मिला और उन्होंने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए, तो आरोपियों ने उन्हें डराना शुरू कर दिया। ठगों ने पीड़ित से कहा कि इस फाइल को लेकर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और विजिलेंस विभाग जांच कर रहा है, जिसमें उनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है। जेल जाने और बदनामी के इसी डर का फायदा उठाकर आरोपियों ने ब्लैकमेल करते हुए पीड़ित डायरेक्टर से 2.16 करोड़ रुपये और वसूल लिए। इस तरह गिरोह ने कुल मिलाकर करीब 3.50 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया।
मामले की प्रारंभिक पड़ताल के बाद पंचकूला के सेक्टर-20 थाने में FIR नंबर 100 दर्ज की गई है। पुलिस ने नए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत कार्रवाई की है:
धारा 318(4): धोखाधड़ी (Cheating)
धारा 319(2): प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी (Cheating by Personation - खुद को फर्जी अधिकारी बताना)
धारा 61(2): आपराधिक साजिश (Criminal Conspiracy)
क्राइम ब्रांच सेक्टर-26 की टीमें अब आरोपियों के बैंक खातों की डिटेल खंगालने और उनके मोबाइल लोकेशन के आधार पर उनकी धरपकड़ के लिए दबिश दे रही हैं।