शिमला : मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दिल्ली में मुलाकात के बाद राज्यसभा चुनाव के प्रत्याशी पर फैसला कांग्रेस हाईकमान के ऊपर छोड़ दिया है। दिल्ली दौरे के दौरान उन्होंने एआईसीसी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े, महासचिव केसी वेणू गोपाल और हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल से मुलाकात की। इस मुलाकात में मुख्यमंत्री ने अपना फीडबैक दिया है। साथ ही यह भी कहा है कि हाईकमान जिस भी नेता को राज्यसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी बनाता है, वह स्वीकार्य है। इस बैठक में यह कहा गया है कि राज्यसभा चुनाव के प्रत्याशियों की सूची मंगलवार शाम तक फाइनल हो जाएगी और राज्य सरकार को भेज दी जाएगी। चार मार्च को होली की छुट्टी के कारण हिमाचल की एकमात्र सीट के लिए अब नामांकन पांच मार्च को होगा। राज्यसभा प्रत्याशी को लेकर दो तरह की चर्चा शिमला और दिल्ली में है।
कांग्रेस हाईकमान हिमाचल से बाहर से भी प्रत्याशी भेज सकती है, क्योंकि राष्ट्रीय प्रवक्ताओं और प्रभारी में से यह चयन हो सकता है, लेकिन दिल्ली में हुई इस मुलाकात के बाद हिमाचल कैबिनेट में से किसी मंत्री के प्रत्याशी होने की भी चर्चा चल पड़ी है। हालांकि इससे पहले पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष कौल सिंह ठाकुर, हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल जैसे नाम राज्यसभा के लिए लिए जा रहे थे। कांग्रेस प्रत्याशी तय होने के बाद ही भाजपा भी प्रत्याशी को लेकर फैसला करेगी। और यदि विपक्षी दल ने नामांकन नहीं भरा, तो 16 मार्च को चुनाव करवाने की जरूरत नहीं रहेगी। अभी राज्यसभा की एक सीट भाजपा सांसद इंदु गोस्वामी का कार्यकाल पूरा होने के कारण खाली हो रही है। इस सीट को भरने के लिए ही अब चुनाव हो रहा है।