Friday, July 10, 2026
BREAKING
टीम इंडिया की हार बर्दाश्त के बाहर, BCCI ने तोड़ी चुप्पी; जल्द लगेगा श्रेयस अय्यर-गौतम गंभीर की क्लास हर्षित राणा और वरुण चक्रवर्ती T20 सीरीज से बाहर, इंग्लैंड में अब कौन है उनका विकल्प? जानिए कोच टेन डोइशे ने बताई भारत की हार की सबसे बड़ी वजह; बोले- ‘यह स्वीकार करना चुनौतीपूर्ण है’ वैभव सूर्यवंशी को भावनाओं में आकर दे दिया मौका, संजू सैमसन को कर दिया बाहर; पूर्व क्रिकेटर का बयान वैभव सूर्यवंशी के इंग्लैंड में फेल होने के 3 कारण, इंटरनेशनल मंच पर धरा रह गया IPL टैलेंट 'चंद्रयान तो बस शुरुआत है', इस एलीट क्लब में शामिल होगा भारत; ऑस्ट्रेलिया दे रहा साथ सावधान! बदला लेने आ रहा अल नीनो, झमाझम बारिश के बाद फिर तरसेंगे लोग अयोध्या में उड़ीं नियमों की धज्जियां! साउथ के मंदिर में कैसे होती है चढ़ावे की सुरक्षा? फुलप्रूफ सिस्टम थलापति विजय को हाई कोर्ट से बड़ी राहत, करूर भगदड़ के पीड़ितों को बांटेंगे नौकरी चाचा की संपत्ति पर भतीजी के पति का कितना हक? सुप्रीम कोर्ट में दिलचस्प मामला, क्या आया फैसला

राष्ट्रीय

सावधान! बदला लेने आ रहा अल नीनो, झमाझम बारिश के बाद फिर तरसेंगे लोग

10 जुलाई, 2026 03:47 PM

इस साल औसत से कम बारिश के अनुमान भी जुलाई के शुरुआती दिनों में देशभर में अच्छी बारिश हुई है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र से लेकर बंगाल तक में मूसलधार बरसात के बाद लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। वहीं कई इलाकों में मॉनसून ने अपनी ताकत दिखाते हुए तबाही भी मचाई। अब करीब 9 दिनों तक मॉनसून के तांडव और अच्छी बारिश के बाद अल नीनो बदला लेने के लिए लौट आ रहा है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक देश भर में एक बार फिर अल नीनो की स्थिति हावी होगी और इस दौरान बारिश के लिए तरसना पड़ सकता है।


रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रशांत महासागर में सक्रिय अल नीनो एक बार फिर मॉनसून की रफ्तार पर ब्रेक लगाने जा रहा है। इससे पहले जून के महीने में केरल में दस्तक देने के बाद मॉनसून करीब तीन सप्ताह तक अटक गया था, जिससे देश भर में बारिश की कमी दर्ज की गई थी। वहीं लोग रिकॉर्डतोड़ गर्मी से भी परेशान थे। लेकिन जुलाई की शुरुआत में बंगाल की खाड़ी और मध्य भारत के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्रों ने मॉनसून को दोबारा एक्टिव किया। इसके बाद लगातार 9 दिनों तक देश में औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई। बारिश ने घाटे को कुछ हद तक पूरा किया। हालांकि अब स्थिति फिर बदलने वाली है।


बदला लेगा अल नीनो
जानकारी के मुताबिक मॉनसून अब भी बारिश की कमी को पूरी तरह से रिकवर नहीं कर पाया है। फिलहाल कम दबाव के क्षेत्र अब कमजोर हो हो गए हैं और सैटेलाइट तस्वीरों से भी साफ है कि देश के कुछ इलाकों से मॉनसूनी बादल गायब हो रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 10 जुलाई से 15 जुलाई के बीच उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत सहित देश के पश्चिमी तटीय इलाकों में बारिश के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। वहीं इस लंबे ब्रेक की वजह से मॉनसून की बारिश का कुल औसत एक बार फिर सामान्य से नीचे चला जाएगा।


खरीफ फसलों पर गहराया संकट
विशेषज्ञों के मुताबिक मॉनसून में यह ब्रेक किसानों की चिंता बढ़ाने वाला है। आने वाले दिनों में अल नीनो के और मजबूत होने से भारत में फसलों की बुवाई पर गंभीर असर पड़ सकता है क्योंकि देश में खरीफ की आधे से अधिक खेती पूरी तरह बारिश पर निर्भर है। कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पहले से ही धान सहित खरीफ फसलों की बुवाई में कमी आई है। जून तक खरीफ फसलों की बुवाई का कुल आंकड़ा पिछले साल की तुलना में 23 प्रतिशत कम है। धान के अलावा दलहन, तिलहन, मोटे अनाज और कपास की बुवाई भी जून 2025 की तुलना में कम रही है।


अल नीनो है भारत के लिए काल
बता दें कि अल नीनो, प्रशांत महासागर में बनने वाली एक जलवायु घटना है। इससे मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह के तापमान में बदलाव के साथ वायुमंडल की परिस्थितियों में भी बदलाव होता है। अल नीनो के कारण भारत में मॉनसून की बारिश सामान्य से कम होती है और इससे वैश्विक तापमान बढ़ने का खतरा होता है। हालांकि, जुलाई के पहले आठ दिनों में देश में सामान्य से काफी अधिक वर्षा हुई है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि बारिश की कमी का खतरा पूरी तरह टल गया है। देश में सितंबर तक अल नीनो का प्रभाव हावी रहेगा।

 

Have something to say? Post your comment

और राष्ट्रीय खबरें

'चंद्रयान तो बस शुरुआत है', इस एलीट क्लब में शामिल होगा भारत; ऑस्ट्रेलिया दे रहा साथ

'चंद्रयान तो बस शुरुआत है', इस एलीट क्लब में शामिल होगा भारत; ऑस्ट्रेलिया दे रहा साथ

अयोध्या में उड़ीं नियमों की धज्जियां! साउथ के मंदिर में कैसे होती है चढ़ावे की सुरक्षा? फुलप्रूफ सिस्टम

अयोध्या में उड़ीं नियमों की धज्जियां! साउथ के मंदिर में कैसे होती है चढ़ावे की सुरक्षा? फुलप्रूफ सिस्टम

थलापति विजय को हाई कोर्ट से बड़ी राहत, करूर भगदड़ के पीड़ितों को बांटेंगे नौकरी

थलापति विजय को हाई कोर्ट से बड़ी राहत, करूर भगदड़ के पीड़ितों को बांटेंगे नौकरी

चाचा की संपत्ति पर भतीजी के पति का कितना हक? सुप्रीम कोर्ट में दिलचस्प मामला, क्या आया फैसला

चाचा की संपत्ति पर भतीजी के पति का कितना हक? सुप्रीम कोर्ट में दिलचस्प मामला, क्या आया फैसला

वैश्विक ऊर्जा स्वतंत्रता दिवस: स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा ही भावी पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला

वैश्विक ऊर्जा स्वतंत्रता दिवस: स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा ही भावी पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला

IVF क्लीनिकों को लेकर बड़ा फैसला, NCW ने कानूनों की समीक्षा के लिए पैनल का किया गठन

IVF क्लीनिकों को लेकर बड़ा फैसला, NCW ने कानूनों की समीक्षा के लिए पैनल का किया गठन

राजनाथ सिंह के जन्मदिन पर पीएम मोदी समेत कई नेताओं ने दी शुभकामनाएं, बताया मजबूत भारत का अहम स्तंभ

राजनाथ सिंह के जन्मदिन पर पीएम मोदी समेत कई नेताओं ने दी शुभकामनाएं, बताया मजबूत भारत का अहम स्तंभ

भारत-चीन सहयोग को नई गति देने पर जोर, राजदूत विक्रम दोरैस्वामी की क्वानझोउ में अहम बैठक

भारत-चीन सहयोग को नई गति देने पर जोर, राजदूत विक्रम दोरैस्वामी की क्वानझोउ में अहम बैठक

आईटीएडीसी बनेंगे वस्त्र उद्यमियों और एमएसएमई के लिए वन-स्टॉप केंद्र, गिरिराज सिंह ने प्रमुख योजनाओं की समीक्षा की

आईटीएडीसी बनेंगे वस्त्र उद्यमियों और एमएसएमई के लिए वन-स्टॉप केंद्र, गिरिराज सिंह ने प्रमुख योजनाओं की समीक्षा की

पीएम मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा में 18 बड़े फैसले, साइबर से रक्षा तक रणनीतिक साझेदारी का विस्तार

पीएम मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा में 18 बड़े फैसले, साइबर से रक्षा तक रणनीतिक साझेदारी का विस्तार