चंडीगढ़ : सांसद दीपेन्द्र हुड्डा से आज उनके दिल्ली निवास पर UPSC प्रारम्भिक परीक्षा, 2026 में हो रही गंभीर अनियमितताओं को लेकर अपनी मांगों के साथ UPSC अभ्यर्थियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि आज देश की शिक्षा व परीक्षा प्रणाली से युवाओं का विश्वास पूरी तरह खत्म हो चुका है, जिसके लिए बीजेपी सरकार जिम्मेदार है।
उन्होंने कहा कि देश के युवाओं ने जंतर मंतर पर इतना बड़ा आंदोलन ही इसलिए किया कि वो शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में संपूर्ण बदलाव चाहते है। आज ये स्थिति है देश का स्टूडेंट सबसे ज्यादा स्ट्रेसफुल स्टूडेंट लाइफ जीने पर मजबूर हो रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में धाँधलेबाजी ने प्रतिभाशाली युवाओं को मायूसी के गर्त में धकेल दिया है। कौन सी परीक्षा प्रणाली नकल करने या पेपर आउट करने की बात करती है।
युवाओं की मांग जिम्मेदारी तय करने की थी, ताकि जो लोग शिक्षा और परीक्षा तंत्र को संभाल रहे हैं वो बेमानी न करें। हमारा एजुकेशन सिस्टम एलिमिनेशन सिस्टम बन गया है। जेन-जी का सड़कों पर आना 12 साल की बीजेपी सरकार की विफलताओं का रिपोर्टकार्ड है। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और न्याय ही युवाओं का भरोसा बनाए रख सकता है।
सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने युवाओं को भरोसा दिया कि वे अभ्यर्थियों की आवाज हर स्तर पर उठाते रहेंगे। UPSC सिविल सेवा परीक्षा में पारदर्शिता और व्यापक सुधार की मांग करते हुए अभ्यर्थियों ने UPSC CSE 2026 प्रारम्भिक परीक्षाओं में गंभीर गड़बड़ियों के बारे में बताया और कहा कि UPSC CSE 2026 की प्रोविज़नल आंसर की में 26 विवादित उत्तर हैं—GS पेपर-I में 14 और GS पेपर-II (CSAT) में 12—जिससे सटीकता, पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा हो गई हैं।
GS पेपर-II (CSAT) 2026 तय UPSC सिलेबस के अनुरूप नहीं था। जबकि, संसद की स्थायी समिति ने भी CSAT की व्यापक समीक्षा और उसे तर्कसंगत बनाने की सिफारिश की थी, ताकि सभी उम्मीदवारों—खासकर नॉन-साइंस और ग्रामीण पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों—को समान अवसर मिल सके। उनकी प्रमुख मांग थी कि सिविल सेवा मुख्य परीक्षा से पूर्व अंतिम उत्तर कुंजी प्रकाशित की जाए तथा प्रोविजनल उत्तर कुंजी पर अभ्यर्थियों की आपत्तियों को दर्ज करने और समाधान की व्यवस्था हो।
प्रारंभिक परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों को उनकी OMR उत्तर-पत्र की प्रति उपलब्ध कराई जाए, अभ्यर्थियों को मांग पर उनकी मूल्यांकित मुख्य परीक्षा उत्तर-पुस्तिकाओं की प्रतियाँ उपलब्ध कराई जाएँ। वैकल्पिक विषय प्रणाली को समाप्त किया जाए, अथवा वैकल्पिक विषयों के मूल्यांकन में प्रयुक्त स्केलिंग / नॉर्मलाइजेशन पद्धति को सार्वजनिक किया जाए।
CSAT को निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुरूप बनाया जाए। CSAT में उत्तीर्ण होने वाले अभ्यर्थियों की वार्षिक संख्या एवं संबंधित आँकड़े सार्वजनिक किए जाएँ। प्रारंभिक परीक्षा में अधिसूचित पाठ्यक्रम के सभी प्रमुख विषयों को संतुलित एवं उचित वेटेज दिया जाए। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख रूप से सोनाक्षी यादव, श्वेता, बसंत कुमार, अंकुश, सोमेश, सूरज आदि मौजूद रहे।