व्हाइट हाउस ने गुरुवार को एक फैक्ट शीट जारी कर दावा किया है कि चीन और उसके प्रॉक्सी ने 22 करोड़ (220 मिलियन) अमेरिकी मतदाताओं का वोटर रजिस्ट्रेशन डेटा हासिल कर लिया है। इसमें ऐसी जानकारी भी शामिल है जो सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं थी। व्हाइट हाउस की गवर्नमेंट ट्रांसपेरेंसी टास्क फोर्स द्वारा जारी इस फैक्ट शीट को नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर, राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NSA), सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) और गृह सुरक्षा विभाग के प्रमुखों ने मंजूरी दी है।
मुख्य दावे
– 2022 के इंटेलिजेंस दस्तावेजों में एक चीनी कंप्यूटर नेटवर्क एक्सप्लॉइट (CNE) ऑपरेटर की पहचान की गई थी, जिसने व्यावसायिक वेबसाइटों से मतदाता पंजीकरण डेटा चुराया।
– चीन के साइबर अभिकर्ता आमतौर पर ऐसी जानकारी हासिल करने के लिए साइबर हमलों का इस्तेमाल करते हैं जो पब्लिकली उपलब्ध नहीं होती।
– वोटर डेटा का दुरुपयोग कर दुश्मन वोटरों को वोटिंग से रोक सकते हैं, चुनाव प्रक्रिया में देरी पैदा कर सकते हैं या प्रोविजनल बैलेट का इस्तेमाल करवा सकते हैं।
व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया कि “चुनाव में दखल” की परिभाषा में विदेशी ताकतों द्वारा वोटर रजिस्ट्रेशन इंफ्रास्ट्रक्चर या डेटा को निशाना बनाना भी शामिल है। यह फैक्ट शीट राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हाल ही में विदेशी चुनाव हस्तक्षेप से संबंधित इंटेलिजेंस दस्तावेजों को डीक्लासिफाई करने के बाद जारी की गई है।
ट्रंप सरकार का कहना है कि इन दस्तावेजों को सार्वजनिक करने से चुनाव सुरक्षा और विदेशी साइबर खतरों के बारे में ज्यादा पारदर्शिता आएगी। सरकार ने यह भी बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप के 16 जुलाई, 2026 के भाषण की तैयारी में सभी प्रमुख इंटेलिजेंस एजेंसियों ने समन्वय किया था और उन्होंने भाषण में इस्तेमाल किए गए तथ्यों को मंजूरी दी थी। यह घटना अमेरिकी चुनावों में विदेशी दखलंदाजी, खासकर चीन की साइबर गतिविधियों को लेकर बढ़ती चिंताओं को फिर से उजागर करती है।