पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बीच गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में नजर आए।
सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 450 अंकों से अधिक यानी 0.62 प्रतिशत गिरकर 73,518 के इंट्राडे निचले स्तर तक पहुंच गया। वहीं, निफ्टी भी 100 अंकों से अधिक यानी 0.61 प्रतिशत टूटकर 23,072 के इंट्राडे लो पर कारोबार करता दिखा।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। निफ्टी आईटी इंडेक्स में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
इसके अलावा निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम, निफ्टी सीमेंट और निफ्टी ऑटो इंडेक्स भी प्रमुख नुकसान वाले सेक्टरों में शामिल रहे।
हालांकि, हेल्थकेयर शेयरों ने बाजार की गिरावट के बीच मजबूती दिखाई। निफ्टी फार्मा और निफ्टी 500 हेल्थकेयर इंडेक्स में 0.50 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। वहीं निफ्टी मीडिया 0.78 प्रतिशत की तेजी के साथ सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा।
निफ्टी 50 के शेयरों में आईटी कंपनियों में सबसे अधिक गिरावट देखने को मिली। एचसीएलटेक के शेयर 3 प्रतिशत से अधिक टूट गए। इसके अलावा इंफोसिस और टेक महिंद्रा भी दबाव में रहे।
ट्रेंट, इटरनल, टीसीएस और विप्रो भी प्रमुख नुकसान वाले शेयरों में शामिल रहे। वहीं आयशर मोटर्स, टाइटन और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई।
ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी से वैश्विक स्तर पर महंगाई का दबाव बढ़ सकता है, जिससे ब्याज दरों और आर्थिक विकास की संभावनाओं पर असर पड़ सकता है। इसी अनिश्चितता के कारण वैश्विक शेयर बाजारों में जोखिम से बचने (रिस्क-ऑफ) का माहौल बना हुआ है।
इस बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के कई ठिकानों पर अतिरिक्त हमले किए हैं। अमेरिका ने इसे ईरान की लगातार आक्रामक गतिविधियों के जवाब में की गई कार्रवाई बताया है।
कमोडिटी बाजार में अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 2.54 प्रतिशत बढ़कर 95.47 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 4 प्रतिशत की तेजी के साथ 93.64 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
एशियाई बाजारों में भी दबाव बना रहा। हांगकांग का हैंग सेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 1 प्रतिशत तक गिर गए, जबकि जापान का निक्केई लगभग सपाट कारोबार करता दिखा।
वहीं, अमेरिकी बाजारों में भी पिछले कारोबारी सत्र में कमजोरी रही। एसएंडपी 500 में 1.62 प्रतिशत और नैस्डैक में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।