चंडीगढ़ : अग्रवाल वैश्य समाज हरियाणा ने रोहतक में इनेलो के एक कार्यक्रम के दौरान की गई कथित जातिसूचक टिप्पणी को गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसके लिए इनेलो नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया है। इस संबंध में अग्रवाल वैश्य समाज हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक बुवानीवाला ने बुधवार को सेक्टर-17 स्थित एक निजी होटल में पत्रकार वार्ता आयोजित कर समाज का पक्ष रखा।
पत्रकारों को संबोधित करते हुए अशोक बुवानीवाला ने कहा कि रोहतक में आयोजित इनेलो के एक सार्वजनिक कार्यक्रम में पार्टी के जिला अध्यक्ष नफे सिंह लाहली द्वारा की गई जातीय टिप्पणी केवल किसी एक व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे वैश्य समाज की अस्मिता, सम्मान और सामाजिक गरिमा पर सीधा आघात है।
उन्होंने कहा कि यह पूरा घटनाक्रम इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला की उपस्थिति में हुआ, इसलिए पार्टी इस मामले से स्वयं को अलग नहीं कर सकती। इनेलो नेतृत्व को इस प्रकरण की नैतिक और राजनीतिक जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।
बुवानीवाला ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी अधिकारी, कर्मचारी अथवा सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली की आलोचना करना प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल का अधिकार है, किंतु किसी व्यक्ति को उसकी जाति से जोड़कर अपमानित करना न केवल सामाजिक सौहार्द के विरुद्ध है बल्कि संविधान की मूल भावना और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का भी उल्लंघन है।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में कार्यरत नेताओं और पदाधिकारियों के शब्दों का समाज पर व्यापक प्रभाव पड़ता है, इसलिए उन्हें अपनी भाषा और अभिव्यक्ति में संयम तथा मर्यादा बनाए रखनी चाहिए।
प्रदेश अध्यक्ष ने मांग की कि इनेलो पार्टी इस पूरे मामले पर अपना स्पष्ट और सार्वजनिक रुख सामने लाए तथा संबंधित पदाधिकारी के खिलाफ उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि यदि किसी सार्वजनिक मंच से वैश्य समाज का अपमान किया गया है तो उसी प्रकार सार्वजनिक मंच से समाज से बिना शर्त क्षमा याचना भी की जानी चाहिए। केवल औपचारिक बयान या सफाई इस विवाद का समाधान नहीं हो सकती।
अशोक बुवानीवाला ने कहा कि वैश्य समाज प्रदेश के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता आया है। समाज हमेशा सामाजिक समरसता, भाईचारे और लोकतांत्रिक मूल्यों का समर्थक रहा है। ऐसे में किसी भी समुदाय के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणियां समाज में अनावश्यक वैमनस्य और विभाजन की स्थिति उत्पन्न करती हैं, जो किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि संबंधित इनेलो पदाधिकारी शीघ्र अपने शब्द वापस लेकर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं तो प्रदेशभर का वैश्य समाज इस विषय पर व्यापक विचार-विमर्श कर आगामी रणनीति तय करेगा। समाज के विभिन्न संगठनों और पदाधिकारियों ने भी इस प्रकरण पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेदों को जातीय आधार पर व्यक्त करना लोकतांत्रिक राजनीति के लिए शुभ संकेत नहीं है।
पत्रकार वार्ता में उपस्थित समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल या नेता को चुनावी अथवा राजनीतिक लाभ के लिए जातीय भावनाओं को भड़काने या किसी समुदाय की भावनाओं को आहत करने से बचना चाहिए। समाज ने सभी राजनीतिक दलों से सामाजिक सद्भाव बनाए रखने और जिम्मेदार सार्वजनिक आचरण अपनाने की अपील भी की। इस अवसर पर प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष विनोद सिंगला, एवीएस चंडीगढ़ के प्रधान सुरेश गुप्ता, पंचकूला के प्रधान सुभाष सिंगला सहित समाज के अनेक पदाधिकारी एवं गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।