शिमला : मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि अगले वर्ष मार्च व जून तक सभी मैडीकल काॅलेजों में पैरामैडीकल स्टाफ के सभी पदों को भरा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आऊटसोर्स को कम करने की नीति पर काम कर रही है। आऊटसोर्स के भविष्य को कैसे सुरक्षित किया जाए, उस पर काम किया जा रहा है। इसके अलावा सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पास नंबरों को भी बढ़ा दिया है। यह बात उन्होंने विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक जीतराम कटवाल व जयराम ठाकुर के संयुक्त सवाल के जवाब में कही। उन्होंने कहा कि सरकार ने रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने 5 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा किए हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य में सभी सरकारी भर्तियां राज्य चयन आयोग तथा लोक सेवा आयोग के माध्यम से की जा रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार के समय में कोई भी भर्तियां नहीं हुई हैं। क्रियाशील पदों में से जो प्रासंगिक यानि रिलेवेंट पदों को भरने की दिशा में सरकार काम कर रही है। पूर्व सरकार के समय में पुलिस की एक बार भर्ती हुई तथा उसमें भी पेपर लीक हुआ, जबकि वर्तमान सरकार में पुलिस की 1350 पदों पर भर्ती हो चुकी है तथा 1 हजार की भर्ती और शुरू कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्किल डिवैल्पमैंट रोजगार से नहीं जुड़ा है। उन्होंने कहा कि स्किल डिवैल्पमैंट के नाम पर जो पैसा बांटा गया है, उसमें अनियमितताएं हुई हैं। जहां पर 15 बच्चे थे, वहां पर 50 का स्टाईफंड दिया गया।
प्रधानमंत्री मत्स्य योजना से नहीं दिए पैसे
मुख्यमंत्री ने विपक्ष के अनुपूरक सवाल पर कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य योजना से कोई भी पैसा नहीं दिया गया है। मछली पालकों को राजीव गांधी मत्स्य योजना से पैसे दिए गए हैं, जो हिमाचल सरकार की योजना है और इस योजना के तहत जितने भी मछुआरे होंगे उनको इसका लाभ दिया जाएगा।
मेरा नाम सुखविंदर सिंह, सुख नहीं
नेता प्रतिपक्ष के योजनाओं का नाम अपने व गांधी परिवार के नाम पर रखने के आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा नाम सुखविंदर सिंह है सुख नहीं। जिस प्रकार आप का नाम जयराम है जयहिन्द नहीं। उन्होंने कहा कि सुख हैपीनैस को इंगित करता है।
भाजपा की योजना को बंद किया या नाम बदल दिए : जयराम
अनुपूरक सवाल करते हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने अपनी 10 गारंटियों में कहा था कि पहली कैबिनेट में 1 लाख पक्की नौकरी देंगे। उन्होंने कहा कि विभागों में भारी संख्या में पद खाली पड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व भाजपा सरकार के समय की योजनाओं को या तो बंद कर दिया या फिर उसके नाम बदल दिए। योजनाओं में या तो अपना नाम जोड़ दिया या फिर गांधी नाम जोड़ दिया है।