चंडीगढ़ : हरियाणा विधान सभा द्वारा चंडीगढ़ में आयोजित राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) इंडिया रीजन का जोन-II सम्मेलन के तकनीकी सत्र में कई राज्य विधान मंडलों के पीठासीन अधिकारियों तथा उप-पीठासीन अधिकारियों से लेकर राज्यसभा के उपसभापति तक ने हिस्सा लिया। सभी वक्ताओं ने ‘भविष्य की चुनौतियों को समझते हुए विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में जागरूक समाज और जनप्रतिनिधियों की भूमिका’ पर विस्तार से चर्चा की और अपने -अपने विचार रखे। इन सभी ने हरियाणा विधान सभा की ओर से सम्मेलन को सफल बनाने के लिए की गई व्यवस्थाओं के लिए विस अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर राज्य सभा के उप सभापति हरिवंश, हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष श्री हरविन्द्र कल्याण एवं उपाध्यक्ष डॉ कृष्ण लाल मिड्ढा के अतिरिक्त विभिन्न राज्यों के अध्यक्ष एवं कई विधान सभा सदस्य उपस्थित थे। विधानसभा के अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने सभी डेलीगेट्स का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वे सभी इस तकनीकी सत्र से कुछ नया अनुभव हासिल करेंगे और संकल्पबद्ध होकर देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इस अवसर पर मध्य प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष नरेंद्र तोमर ने कहा कि हरियाणा विधानसभा द्वारा आयोजित इस कॉन्फ्रेंस में विचार -विमर्श से कुछ ऐसा अमृत रूपी निष्कर्ष निकलेगा जो कि "विकसित भारत -2047" के विजन में मिल का पत्थर साबित होगा। उन्होंने भारत की विविधता में एकता को देश का सौंदर्य बताते हुए कहा कि हम सब मिलकर लोकतंत्र की मजबूती के लिए कार्य कर रहे हैं। इसी कारण आज भारत को विश्व के अग्रणी देशों में गिना जाता है। तोमर ने कहा कि भारत पहले भी दुनिया को दिशा देने वाला रहा है। हमारे पूर्वजों ने कठिनाइयों का सामना किया , फिर हम आजादी का महोत्सव मनाने में सफल हुए। अब शताब्दी वर्ष मनाने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि हमारा फर्ज बनता है कि हम भावी पीढ़ी को एक समृद्ध एवं सशक्त भारत देकर जाएँ। उन्होंने आह्वान किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन 2047 के सपने को पूरा करने के लिए सभी को आर्थिकता के साथ -साथ सामाजिक एवं नागरिक जागरूक होना भी जरुरी है। राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष द्वारा ‘भविष्य की चुनौतियों को समझते हुए विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में जागरूक समाज और जनप्रतिनिधियों की भूमिका’ विषय चयन की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश का सम्पूर्ण विकास तभी होगा जब समाज में सामाजिक समरसता, पर्यावरण, तकनीक और संसदीय लोकतंत्र भी उन्नत होगा। उन्होंने कहा कि एक विधायक के चुने जाने पर जनता की जिम्मेदारी समाप्त नहीं होती, बल्कि नीति निर्माताओं को विकासात्मक नीतियां बनाने में सहयोग भी करना होता है। उन्होंने कहा कि "देश प्रथम" की भावना के साथ सबको आगे बढ़ना है। उन्होंने सभी विधायकों को एआई तथा साइबर क्राइम जैसी आधुनिक तकनीक से भी अपडेट रहने के लिए प्रेरित किया।
जम्मू कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने कहा कि आज भारत विकास के मामले में ग्लोबल लीडर की तरह आगे बढ़ रहा है , हमें इस गति को और अधिक तेज करना है ताकि देश के नागरिक समृद्ध एवं सशक्त बन सकें। उन्होंने युवा विधायकों को वर्तमान तकनीक के साथ -साथ शोध की तरफ भी ध्यान आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने अपने सारगर्भित भाषण में विधायकों को इंगित करते हुए कहा कि वे चुनाव में पांच वर्ष के लिए तो चुन कर आ गए, अगली बार फिर से विधायक कैसे बनें? यह सोच कर जनकल्याण के कार्य करने होंगे। उन्होंने इस बात पर ख़ुशी जाहिर की कि अब जनता भी इकोनिमक्स की बात करने लगी है जो कि प्रगतिशील देश के लिए सकारात्मक लक्षण हैं। उन्होंने सभी जन-प्रतिनिधियों को अपनी -अपनी विश्वसनीयता बनाए रखने की बात कही ताकि उनके क्षेत्र की जनता बेझिझक अपनी समस्या कह सके। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि जब सभी राज्यों का समान रूप से विकास होगा तभी पूरा देश विकसित हो पाएगा। उन्होंने कहा कि कॉन्फ्रेंस के विषय की सार्थकता तभी होगी जब सभी विधायक अपनी जिम्मेवारी का निर्वहन ईमानदारी से करें। इस अवसर पर अनेक विधायकों के अलावा नार्थ जोन राज्यों की विधानसभाओं के डेलीगेट्स भी उपस्थित थे।