चंडीगढ़ : एक ओर जहां सामान्यत: एक वर्ष के ही भीतर और कई बार उससे भी कम समय अर्थात कुछ महीनों या सप्ताह /दिनों में ही हरियाणा प्रदेश के कुल 80 प्रशासनिक उपमंडलों (सब-डिविजन) में एस.डी.एम. पद पर तैनात हरियाणा सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) – एच.सी.एस. (ई.बी.) अधिकारियों अथवा जूनियर आई.ए.एस. अधिकारियों का तबादला कर दिया जाता है, इसी के बीच दो एच.सी.एस. अधिकारियों ने हाल ही में उक्त पद पर तैनाती सम्बन्धी अनोखा रिकॉर्ड बनाया है.
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट एडवोकेट हेमंत कुमार, जो प्रदेश के प्रशासनिक तंत्र और व्यवस्था पर समय-समय पर शोध-विश्लेषण कर टिप्पणी करते रहते हैं, ने इस विषय पर जानकारी देते हुए बताया कि 2019 बैच के दोनों एच.सी.एस. अधिकारी – दर्शन कुमार और राजेंद्र कुमार गत लगातार चार वर्षो से प्रदेश के एक-एक सब-डिविजन में एस.डी.ओ. (सिविल) अर्थात उपमंडलाधीश के पद पर तैनात हैं.
हरियाणा सरकार ने सितम्बर. 2022 में 2019 बैच के एच.सी.एस. अधिकारी राजेंद्र कुमार को सिरसा उपमंडल और दर्शन कुमार को अम्बाला उपमंडल में बतौर एस.डी.ओ. (सिविल) तैनात किया था जिस पद पद पर दोनों आज तक निरंतर तैनात हैं.
मौजूदा प्रदेश सरकार के कार्यकाल में उपरोक्त दोनों मात्र दो ऐसे एच.सी.एस. अधिकारी हैं जिन्होंने प्रदेश के किसी एक ही उपमंडल में एस.डी.ओ. (सिविल) / एस.डी.एम. के पद पर लगातार चार वर्ष पूरे किए हैं।
SDM नहीं, सरकारी रिकॉर्ड में पदनाम SDO (Civil)
हेमंत के अनुसार, हरियाणा में उपमंडल स्तर पर तैनात अधिकारी का सरकारी प्रशासनिक पदनाम वास्तव में उपमंडल अधिकारी (नागरिक) अर्थात एस.डी.ओ. (सिविल) होता है, जबकि व्यवहार में इस पद को आम बोलचाल में उपमंडलाधीश अर्थात एस.डी.एम. कहा जाता है।
उन्होंने बताया कि सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (एस.डी.एम.) अर्थात उपमंडलाधीश का उल्लेख पूर्ववत देश भर में लागू दंड प्रक्रिया संहिता (सी.आर.पी.सी.), 1973 में और 1 जुलाई 2024 से लागू भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बी.एन.एस.एस.), 2023 में किया गया है।
सीधी भर्ती से नहीं, तहसीलदार/DRO कोटे से HCS में आए
हेमंत ने बताया कि राजेंद्र कुमार और दर्शन कुमार दोनों एच.सी.एस. अधिकारियों के सिरसा और अम्बाला में एस.डी.एम. पद पर चार वर्ष के निरंतर कार्यकाल की एक और समानता यह भी है कि वे दोनों सीधे एच.सी.एस. भर्ती से आए अधिकारी नहीं हैं। दोनों वर्ष 2019 में रजिस्टर ( ए-1) अर्थात तहसीलदार/जिला राजस्व अधिकारी (डी.आर.ओ.) वर्ग से एच.सी.एस. सेवा में शामिल हुए थे।
जहाँ सिरसा के एस.डी.एम. राजेंद्र कुमार सितम्बर, 2022 में इस पद के साथ-साथ सिरसा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के एस्टेट ऑफिसर भी हैं, वहीं
अम्बाला के एस.डी.एम. दर्शन कुमार भी समय-समय पर अम्बाला एच.एस.वी.पी. के एस्टेट ऑफिसर का अतिरिक्त कार्यभार भी संभालते रहे हैं। वर्तमान में यह जिम्मेदारी उनके पास नहीं है। हालांकि जुलाई 2026 में प्रदेश सरकार ने उन्हें अम्बाला में प्रस्तावित आईएमटी से संबंधित भूमि अधिग्रहण/प्रबंधन के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया।
ढाई साल में चार चुनाव—निर्वाचन ड्यूटी का अलग रिकॉर्ड
हेमंत, जो अम्बाला के ही मूल निवासी हैं, ने बताया कि दर्शन कुमार के अम्बाला एस.डी.एम. के चार वर्ष के निरंतर कार्यकाल में चुनावी जिम्मेदारियों का सिलसिला भी उल्लेखनीय रहा है। पिछले करीब ढाई वर्ष में अम्बाला में हुए चार अलग-अलग चुनावों में उन्होंने किसी न किसी रूप में निर्वाचन अधिकारी की जिम्मेदारी निभाई।
1. लोकसभा चुनाव 2024 — ARO
अप्रैल-मई 2024 में हुए 18वीं लोकसभा आम चुनाव में दर्शन कुमार ने अम्बाला संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत अम्बाला शहर विधानसभा क्षेत्र में सहायक निर्वाचन अधिकारी (ARO) के रूप में जिम्मेदारी निभाई।
2. हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 — RO
इसके बाद सितम्बर-अक्टूबर 2024 में हुए हरियाणा विधानसभा आम चुनाव में उन्हें अम्बाला शहर विधानसभा क्षेत्र का रिटर्निंग (निर्वाचन) ऑफिसर (RO) बनाया गया। भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी, हरियाणा की आधिकारिक सूची में अम्बाला सिटी विधानसभा क्षेत्र संख्या 5 के लिए दर्शन कुमार को रिटर्निंग ऑफिसर पदांकित किया गया है।
3. अम्बाला नगर निगम मेयर उपचुनाव — RO
इसके बाद फरवरी-मार्च 2025 में अम्बाला नगर निगम के मेयर पद के उपचुनाव में भी दर्शन कुमार को रिटर्निंग ऑफिसर (आर.ओ.) की जिम्मेदारी दी गई। चुनाव परिणाम के बाद विजयी प्रत्याशी शैलजा सचदेवा को उनके हस्ताक्षर से निर्वाचन प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।
4. जिला परिषद अध्यक्ष चुनाव 2025 — RO
सितम्बर 2025 में अम्बाला जिला परिषद अध्यक्ष की रिक्त सीट के लिए कराए गए चुनाव में भी दर्शन कुमार ने रिटर्निंग ऑफिसर (आर.ओ.) के रूप में जिम्मेदारी निभाई।
इस प्रकार अप्रैल 2024 से सितम्बर 2025 के बीच लगातार हुए चार अलग-अलग चुनावों में उनकी चुनावी भूमिका सामने आई—पहले लोकसभा चुनाव में ARO, फिर विधानसभा चुनाव, नगर निगम मेयर उपचुनाव और जिला परिषद अध्यक्ष चुनाव में RO।
2026 के नगर निगम आम चुनाव में क्यों नहीं मिली RO की जिम्मेदारी?
दिलचस्प पहलू यह है कि अप्रैल-मई 2026 में अम्बाला नगर निगम के मेयर तथा सभी 20 वार्डों के आम चुनाव के दौरान दर्शन कुमार को रिटर्निंग ऑफिसर (आर.ओ.) की जिम्मेदारी नहीं दी गई.
हेमंत, जिन्होंने तब राज्य निर्वाचन आयोग को नोटिस भेजकर दर्शन कुमार को आर.ओ. नहीं बनाने की अपील की थी, के अनुसार, इसका कारण चुनाव आयोग के स्थानांतरण/तैनाती संबंधी निर्देशों से जुड़ा था, जिसके तहत लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात अधिकारियों को चुनावी ड्यूटी से अलग रखने की व्यवस्था लागू होती है। इस चुनाव में दर्शन कुमार के स्थान पर तत्कालीन एडीसी विराट, एचसीएस को रिटर्निंग ऑफिसर (आर.ओ.) की जिम्मेदारी दी गई।
कभी 2-3 वर्ष की तैनाती सामान्य थी
हेमंत के अनुसार, कुछ दशक पहले तक हरियाणा के उपमंडलों में एचसीएस अधिकारियों का दो से तीन वर्ष तक एसडीओ (सिविल)/एसडीएम के रूप में रहना सामान्य माना जाता था। हाल के वर्षों में एचसीएस कैडर में विस्तार के बावजूद किसी महत्वपूर्ण उपमंडल में लंबे समय तक तैनाती अपेक्षाकृत कम देखने को मिलती है।
वहीं यू.पी.एस.सी. के माध्यम से सीधे आईएएस सेवा में आने वाले अधिकारियों को सामान्यतः प्रशिक्षण एवं फील्ड अनुभव के दौरान सीमित अवधि के लिए एसडीएम/एसडीओ (सिविल) स्तर की जिम्मेदारी दी जाती है। अम्बाला के वर्तमान उपायुक्त सचिन गुप्ता, आईएएस भी अगस्त 2020 से जुलाई 2021 तक अम्बाला में एसडीएम रह चुके हैं।
मुकेश आहूजा का अलग रिकॉर्ड—अम्बाला में चार बार SDM
हेमंत कुमार ने इस संदर्भ में पूर्व आईएएस अधिकारी मुकेश कुमार आहूजा का उदाहरण भी दिया। उनके अनुसार, 2009 बैच के आईएएस अधिकारी मुकेश आहूजा, जो इसी वर्ष सेवानिवृत्त हुए, HCS अधिकारी रहते हुए अलग-अलग अवधियों में कुल चार बार अम्बाला में एसडीएम रह चुके हैं। उनका कुल कार्यकाल साढ़े नौ वर्ष से अधिक बताया जाता है।
इनमें एक अवधि ऐसी भी रही जब उन्होंने चार वर्ष से दो महीन कम तक लगातार अम्बाला एसडीएम के रूप में कार्य किया । उस समय अम्बाला कैंट अलग उपमंडल नहीं था और उसका क्षेत्र अम्बाला शहर उपमंडल में ही शामिल था । बहरहाल, अब अम्बाला शहर के एस.डी.एम. पद पर लगातार चार वर्ष पूरे कर दर्शन कुमार ने मुकेश आहूजा का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है.