लाइबेरिया की विदेश मंत्री सारा बेसोलो न्यांती गुरुवार को दो दिनों के आधिकारिक दौरे पर राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली पहुंच गईं। विदेश मंत्रालय ने इसे अफ्रीका के साथ भारत के संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
दिल्ली पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “लाइबेरिया की विदेश मंत्री सारा बेसोलो न्यांती का नई दिल्ली पहुंचने पर हार्दिक स्वागत। उनका दौरा भारत और लाइबेरिया के बीच गहरे और करीबी रिश्तों को और सुदृढ़ करने का अवसर देता है।”
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से होगी मुलाकात
एमईए के अनुसार, न्यांती गुरुवार को हैदराबाद हाउस में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगी। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों और आपसी सहयोग के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
संसदीय प्रतिनिधिमंडल के दौरे से मेल
यह दौरा एक अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रम से भी जुड़ा है। मंगलवार को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने आईबीएसए फंड से वित्तपोषित पीयर-लर्निंग प्रोग्राम के तहत भारत आए लाइबेरियाई संसदीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने ग्लोबल साउथ साझेदारी के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
इसी क्रम में एलेन ए. अट्टोह-रेह के नेतृत्व में 15 सदस्यीय लाइबेरियाई प्रतिनिधिमंडल भी 10 से 15 अगस्त तक भारत में मौजूद है। इस मिशन में लाइबेरिया की सीनेट, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सचिवालय के प्रतिनिधि शामिल हैं। यह कार्यक्रम यूएन विमेन के सहयोग से आयोजित साउथ-साउथ पीयर लर्निंग मिशन का हिस्सा है।
महिला विधायकों पर फोकस
यह मिशन “लाइबेरिया की महिला विधायक: आवाज को बढ़ावा, सतत विकास, नेतृत्व और जेंडर-रिस्पॉन्सिव गवर्नेंस” प्रोजेक्ट के तहत चलाया जा रहा है। इसे यूएन विमेन लाइबेरिया ने लाइबेरिया के विमेंस लेजिस्लेटिव कॉकस के साथ मिलकर लागू किया है। वित्तीय सहायता आईबीएसए (भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका) फंड से दी जा रही है।
भारत-लाइबेरिया संबंधों की मजबूती
भारत और लाइबेरिया व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा संयुक्त राष्ट्र मंचों पर एक-दूसरे का सहयोग करते आए हैं। ग्लोबल साउथ साझेदारी के तहत भारत लाइबेरिया के विकास और क्षमता निर्माण में निरंतर सहायता दे रहा है। दोनों देश अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) और अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट अलायंस (आईबीसीए) जैसे मंचों पर भी साथ काम कर रहे हैं। न्यांती का यह दौरा दोनों देशों के बीच राजनीतिक और विकास सहयोग को नई गति देने वाला माना जा रहा है।