चंडीगढ़ : पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि हरियाणा समेत देशभर का किसान पहले ही चौतरफा महंगाई की मार झेल रहा है। अब यूरिया एसएसपी और एनपीके के दाम बढ़ाकर सरकार ने खेती-किसानी को बर्बादी करने का फैसला ले लिया है। यूरिया एसएसपी के दाम 200 रुपये और एनपीके के दाम में 200 रुपये से लेकर 550 रुपये तक की बढ़ोत्तरी किसानों के जख्मों पर नमक के समान है। कृषि यंत्रों और पार्ट्स के भी दाम साथ साथ बढ़ाने से किसान की और मुश्किलें बढ़ेंगी। पहले ही पेट्रोल-डीजल के आसमान छूते दामों ने किसानों की चिंता बढ़ा रखी है और अब खाद के दामों की बढ़ोत्तरी ने उन्हें तोड़कर रख दिया है।
किसानों की आय दोगुनी करने का वादा करने वाली बीजेपी ने हर बार उनकी लागत बढ़ाने का काम किया है। जबकि एमएसपी में बढ़ोत्तरी इतनी भी नहीं होती कि महंगाई दर का मुकाबला किया जा सके। इस सरकार के 12 साल में किसानों की आय बढ़ने की बजाए घटी है और कर्जा व महंगाई कई गुना बढ़ी है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि एक दिन पहले ही सरकार ने गैस के रेट 29 रुपये बढ़ाकर जनता की जेब पर डाका डाला था। मात्र 3 महीने में घरेलू सिलिंडर के दाम 89 रुपये बढ़ चुके हैं, जबकि कमर्शियल सिलेंडर में 1500 रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है। इसके अलावा डीजल-पेट्रोल के दाम लगभग 8 रुपये बढ़ चुके हैं। सीएनजी, छोटे सिलेंडर, ट्रांसपोर्ट से लेकर खाने-पीने की हरेक चीज के दाम इतने बढ़ गए हैं कि आम आदमी का जीना मुहाल हो गया है।
हुड्डा ने दोहराया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार घट रही हैं, लेकिन भाजपा सरकार उसका लाभ जनता को देने की बजाए, रेट बढ़ाने में लगी है। इस आर्थिक मंदी के दौर में भी सरकार जनता से भारी टैक्स वसूल रही है। हुड्डा ने तेल की बढ़ी कीमतों और खाद के रेट में हुई बढ़ोत्तरी को तुरंत वापिस लेने की मांग उठाई है।