पीएम मोदी ने बुधवार को ग्रेटर नोएडा में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन किया और देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार के वादे को दोहराया है। इस वर्ष ट्रेड शो का कंट्री पार्टनर रूस है, जिसे मोदी ने भारत की "टाइम-टेस्टेड पार्टनरशिप" को और मजबूत करने का अवसर बताया।
दीनदयाल उपाध्याय को भी किया याद-
मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें याद करते हुए "अंत्योदय" के विचार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकास तब सार्थक है जब समाज के अंतिम व्यक्ति तक इसका लाभ पहुंचे और हर प्रकार का भेदभाव समाप्त हो।
संबोधन में इन बातों का किया उल्लेख-
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत के फिनटेक सेक्टर की सफलता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि UPI, आधार, डीजी लॉकर और ओएनडीसी जैसे प्लेटफॉर्म ने Overall development को बढ़ावा दिया है। उनके अनुसार ये ओपन प्लेटफॉर्म हर वर्ग को समान अवसर प्रदान कर रहे हैं—फिर चाहे वह मॉल में खरीदारी करने वाला उपभोक्ता हो या सड़क किनारे चाय बेचने वाला विक्रेता। पीएम ने स्पष्ट किया कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में दूसरों पर निर्भर रहना किसी भी देश की वृद्धि को सीमित कर सकता है। उन्होंने कहा, “भारत को अब किसी पर निर्भर रहना मंजूर नहीं है। हर वह उत्पाद जो हम भारत में बना सकते हैं, हमें यहीं बनाना होगा।”
प्रधानमंत्री ने उद्यमियों और व्यापारियों से आग्रह किया कि वे अपने व्यवसाय मॉडल को आत्मनिर्भर भारत के अभियान को मजबूती देने वाला बनाएं। उन्होंने कहा कि सरकार "मेक इन इंडिया" और "मैन्यूफैक्चरिंग" पर जोर दे रही है और "चिप से शिप" तक की उत्पादन क्षमता विकसित करना चाहती है। मोदी ने यह भी बताया कि कारोबार को सरल बनाने के लिए सरकार 40,000 से अधिक अनुपालनों को समाप्त कर चुकी है।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उद्यमियों, ट्रेडर्स और एंटरप्रेन्योर्स की मौजूदगी रही, जिन्हें मोदी ने आत्मनिर्भर भारत के अभियान का "बड़ा स्टेकहोल्डर" बताया।