सूर्यकुमार यादव अब भारतीय टी20 टीम का हिस्सा नहीं हैं। उनकी अगुवाई में भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीता था। सूर्यकुमार को हटाए जाने के बाद श्रेयस अय्यर को कप्तानी सौंपी गई। सूर्या भले ही भारत के टी20 सेटअप में नहीं लेकिन उनका दिल अब भी टीम के लिए धड़कता है। वह सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहे फेक बयानों से खुश नहीं हैं और उन्होंने लोगों से मनगढ़ंत बातों पर यकीन नहीं करने की गुजारिश की है। सूर्या ने स्पष्ट तौर पर कहा कि उनके नाम पर झूठे बयान फैलाए जा रहे हैं। पूर्व कप्तान ने साथ ही युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी के लिए एक स्पेशल मैसेज लिखा। 15 साल के वैभव ने हाल ही में इंडिया डेब्यू करते ही इतिहास रचा। वह भारत की ओर से इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले सबसे कम उम्र के प्लेयर हैं। भारतीय टीम फिलहाल इंग्लैंड दौरे पर है। श्रेयस के कप्तानी संभालने के बाद से भारत ने चार मैचों से एक भी नहीं जीता है। आयरलैंड में दो मैचों की सीरीज में सूपड़ा साफ हुआ।
'मैं क्लियर कर देना चाहता हूं कि…'
सूर्यकुमार ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक बयान में कहा, ''मैं टीम के लिए बहुत खुश हूं और हमेशा उनके बेहतरीन प्रदर्शन की कामना करता हूं। मुझे पता है कि खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ दे रहे हैं, और उन्हें हमेशा मेरा पूरा सपोर्ट मिलता रहेगा।'' उन्होंने युवा सनसनी के लिए लिखा, ''वैभव के लिए एक खास संदेश – तुम अपने करियर के एक बहुत ही रोमांचक सफर की शुरुआत कर रहे हो। हर पल का आनंद लो और देश को गर्व महसूस कराते रहो।'' पूर्व कप्तान ने आखिर में कहा, ''मैंने देखा कि ऑनलाइन एक बयान मेरे नाम से शेयर किया जा रहा है, जो पूरी तरह से गलत है। मैं यह क्लियर कर देना चाहता हूं कि मैंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है और न ही इसकी मंजूरी दी। कृपया अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें और शेयर भी न करें। इंडियन क्रिकेट, मेरे टीममेट्स और खेल के लिए मेरा सपोर्ट हमेशा उन शब्दों से ज्यादा दमदार रहेगा होगा जो गलत तरीके से मेरे नाम से जोड़े जा रहा।''
ये झूठा दावा सूर्या के नाम पर हुआ वायरल
सूर्या के नाम पर सोशल मीडिया पर कई अपुष्ट बयान वायरल हैं। ऐसे में यह पहचानना मुश्किल है कि सूर्या किस बयान की बात कर रहे थे। हालांकि, हाल ही में कई इंस्टाग्राम पेजों ने झूठा दावा किया कि सूर्यकुमार को टीम से बाहर होने के बारे में नहीं बताया गया था। ऐसा ही एक फर्जी में कहा गया था, ''एक बात जो मुझे हमेशा दुख देगी, वह यह है कि मुझे अपने भविष्य के बारे में कोई स्पष्टता नहीं दी गई। वर्ल्ड कप जीतने के बाद सिलेक्टर्स ने मुझसे कहा कि मैं कप्तान बना रहूंगा। लेकिन आखिरी समय में मुझे पता चला कि मेरा नाम टीम में भी नहीं था। मैंने जो कुछ भी किया उसके बाद मुझे वह इज्जत नहीं मिली जिसका मैं हकदार था। ऐसा लगा जैसे मेरी सारी मेहनत भुला दी गई हो। मेरे पास यह सच मानने के अलावा कोई चारा नहीं था कि उन्हें अब मेरी जरूरत नहीं है।''