कुल्लू : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा-2026 के समापन समारोह में देवी-देवताओं के नजराने में 5 प्रतिशत और बजंतरियों के मानदेय में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी की घोषणा की। उन्होंने देवताओं के मुख्य गूर को 1,100 रुपये की सम्मान राशि देने का भी ऐलान किया। इसके अलावा कुल्लू जिले में सड़क, सीवरेज, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं के लिए धनराशि देने की घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कुल्लू जिले के लेफ्ट बैंक क्षेत्र को जोड़ने के लिए लगभग 5 करोड़ रुपये तथा मणिकर्ण सड़क निर्माण के लिए अतिरिक्त 5 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। भुंतर में सीवरेज प्रणाली के निर्माण के लिए 22 करोड़ रुपये और विद्युत सब-डिवीजन खोलने की घोषणा भी की। विद्युत कमांड-बारा मार्ग के लिए 50 लाख रुपये देने का ऐलान किया गया। महिला मंडलों और शिक्षा के लिए भी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने दशहरा उत्सव में भाग लेने वाले महिला मंडलों को 35-35 हजार रुपये की सम्मान राशि देने की घोषणा की। साथ ही, बजौरा स्कूल में विज्ञान भवन के निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये स्वीकृत करने की बात कही।
कुल्लू जिला अस्पताल में बढ़ेंगी स्वास्थ्य सुविधाएं
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि कुल्लू जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि स्थानीय लोगों को बेहतर उपचार मिल सके। उन्होंने विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति का आश्वासन दिया। अस्पताल में विश्वस्तरीय तकनीक से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त धनराशि मुहैया करवाने की भी बात कही।
अदरक का एमएसपी 40 रुपये करने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में अदरक का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाकर जल्द ही 40 रुपये करने की योजना है, जिससे ग्रामीणों की आमदनी बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सभी वर्गों का सहयोग जरूरी है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए जल्द कई योजनाएं लागू की जाएंगी।
आपदा प्रभावितों के पुनर्वास का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2023 की आपदा का जिक्र करते हुए कहा कि कुल्लू जिले में भारी नुकसान हुआ था। उस दौरान प्रदेश सरकार ने लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए लगातार काम किया। उन्होंने आपदा के समय पर्यटकों की सहायता करने के लिए कुल्लू के लोगों के सेवा भाव की सराहना की।
उन्होंने बताया कि आपदा प्रभावित परिवारों के बेहतर पुनर्वास के लिए गृह निर्माण अनुदान को डेढ़ लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये किया गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय पहचान बना रहा कुल्लू दशहरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल्लू दशहरा अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहा है और इसे हर साल और बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने उत्सव में प्रदेश की देव परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के महत्व को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री ने कुल्लू कार्निवाल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसमें 600 से अधिक महिलाओं और कलाकारों ने भाग लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भुट्टी विवर्ज सांस्कृतिक दल को प्रथम, सूत्रधार कला संगम को द्वितीय और युवा कला मंच को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने आयोजन में सहयोग देने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न वर्गों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक दलों की भागीदारी से उत्सव को देश-विदेश में पहचान मिली है। विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने भी मुख्यमंत्री का स्वागत किया और प्रदेश सरकार की विभिन्न वर्गों के कल्याण से जुड़ी पहलों का उल्लेख किया।
समारोह में विधायक सुरेश कुमार, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी, मिल्कफेड अध्यक्ष बुद्धि सिंह, एपीएमसी अध्यक्ष राम सिंह मियां, पूर्व विधायक किशोरी लाल, जिला अध्यक्ष सेस राम आजाद, सचिव स्वास्थ्य आशीष सिंघमार, मंडल आयुक्त आर. के. प्रुथी, उपायुक्त अमित शर्मा और पुलिस अधीक्षक अभिषेक एस. सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।