चंडीगढ़ : हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने प्रदेश में किसानों की समस्याओं को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हरियाणा का किसान आज दोहरी मार झेलने को मजबूर है। एक तरफ प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसलों को नुकसान हो रहा है, तो दूसरी तरफ सरकार की गलत नीतियों के चलते किसानों की लागत लगातार बढ़ रही है और उनकी आमदनी पर दबाव बढ़ता जा रहा है। राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि धान की कीमतों को लेकर किसानों की चिंता जायज है। वर्ष 2014 में धान का भाव जिस स्तर पर था, आज भी किसान को उसकी उपज का उचित मूल्य मिलने को लेकर संघर्ष करना पड़ रहा है। खेती की लागत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन किसानों की आमदनी उस अनुपात में नहीं बढ़ी है। डीजल और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों ने खेती को महंगा बना दिया है। ट्रैक्टर, सिंचाई, जुताई और फसल की ढुलाई पर होने वाला खर्च किसानों की आर्थिक स्थिति पर भारी पड़ रहा है। इसके साथ ही बिजली की दरों में बढ़ोतरी भी किसानों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि गेहूं की बिजाई के महत्वपूर्ण समय में डीएपी खाद की उपलब्धता को लेकर किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पानीपत सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से खाद की उपलब्धता और वितरण को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं। सरकार को जिलावार खाद की मांग और उपलब्ध स्टॉक का विवरण सार्वजनिक करना चाहिए तथा किसानों को समय पर पर्याप्त डीएपी उपलब्ध करवानी चाहिए। खाद वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ-साथ जमाखोरी और कालाबाजारी पर भी प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश के सिरसा और फतेहाबाद सहित विभिन्न क्षेत्रों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान होने की आशंका है। रानियां, डबवाली, डिंग, रतिया और टोहाना जैसे क्षेत्रों में किसानों की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए सरकार को तत्काल फसलों के नुकसान का आकलन करवाना चाहिए। प्रभावित क्षेत्रों में विशेष गिरदावरी करवाकर किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक संकट से राहत मिल सके।
उन्होंने कहा कि मंडियों में धान की खरीद, उठान और भंडारण की व्यवस्था को लेकर भी किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के कारण खुले में पड़ा धान भीगने से किसानों को नुकसान होने का खतरा बना रहता है। सरकार को मंडियों में पर्याप्त शेड, तिरपाल और जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए तथा खरीदे गए धान का समयबद्ध उठान करवाना चाहिए। किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य और समय पर भुगतान मिलना भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि एक तरफ किसान को राम जी की मार (यानी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है), तो दूसरी तरफ सरकार की मार ,उसकी मुश्किलें और बढ़ा देती है। कभी बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि फसल को नुकसान पहुंचाती है, तो कभी खाद की किल्लत, महंगा डीजल, बढ़ती बिजली दरें और मंडियों की अव्यवस्थाएं किसान की परेशानी बढ़ाती हैं। ऐसे हालात में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह किसानों को राहत दे, न कि उनकी समस्याओं को और बढ़ने दे।
उन्होंने भाजपा सरकार से मांग की कि किसानों को डीएपी खाद की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, धान की खरीद और उठान में तेजी लाई जाए, फसलों के नुकसान की विशेष गिरदावरी करवाकर उचित मुआवजा दिया जाए तथा डीजल, बिजली और खेती की अन्य बढ़ती लागतों से किसानों को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि किसान हरियाणा की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उनकी मेहनत और योगदान से प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था मजबूत होती है। इसलिए सरकार को किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान करना चाहिए। किसानों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि राहत, उचित मूल्य और सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार मिलना चाहिए।