प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को जींद में कहा कि भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह टेक्नोलॉजी अभी दुनिया में सिर्फ 3-4 देशों के पास है और भारत ने इसमें भी सबसे आगे रहकर अपनी स्वदेशी क्षमता का परिचय दिया है।
ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “हाइड्रोजन ट्रेनें हाल ही में दुनिया के सामने आई हैं। ये सिर्फ सात-आठ साल पहले शुरू हुई थीं। अभी केवल तीन या चार देशों के पास हाइड्रोजन ट्रेनें चलाने की क्षमता है। लेकिन भारत की हाइड्रोजन ट्रेन की क्षमताओं को सुनकर हर भारतीय को गर्व होगा।”
पीएम मोदी ने दी ये जानकारी
– जींद-सोनीपत रूट पर चलने वाली यह ट्रेन 3,200 हॉर्सपावर के प्रोपल्शन सिस्टम से चलती है।
– यह न सिर्फ दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन है, बल्कि भारत की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन भी है।
– 21वीं सदी हाइड्रोजन-पावर्ड रेल ट्रांसपोर्ट की सदी होगी।
प्रधानमंत्री ने रेलवे के इलेक्ट्रिफिकेशन का जिक्र करते हुए कहा कि 1925 से 2014 तक 90 वर्षों में केवल 30% रेल नेटवर्क इलेक्ट्रिफाइड हो पाया था, जबकि पिछले 12 वर्षों में यह बढ़कर लगभग 99% हो गया है। हरियाणा में तो 100% इलेक्ट्रिफिकेशन हो चुका है।
अन्य प्रमुख बातें
पीएम मोदी ने हरियाणा को 14,700 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का तोहफा दिया, जिनमें दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे, जींद-गोहाना हाईवे, अंबाला-काला अंब फोर-लेन सड़क और मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। उन्होंने हालिया विदेश यात्राओं (इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड) का जिक्र करते हुए कहा कि भारत इन देशों के साथ खेल और स्पोर्ट्स इंडस्ट्री में सहयोग बढ़ाएगा, जिससे हरियाणा के खिलाड़ियों को विशेष लाभ मिलेगा। इसी के साथ पीएम मोदी ने हरियाणा के खिलाड़ियों को जमकर तैयारी करने को भी कहा ताकि आने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलंपिक खेलों में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।
पीएम मोदी का यह दौरा हरियाणा के लिए विकास, आधुनिकता और ग्रीन टेक्नोलॉजी का प्रतीक बन गया है। हाइड्रोजन ट्रेन का लॉन्च भारत को ग्लोबल क्लीन मोबिलिटी मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करता है।