चंडीगढ़ : सिरसा की सांसद, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने महिला आरक्षण और जाति जनगणना के मुद्दे पर केंद्र की भाजपा सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण के प्रति अपनी अडिग प्रतिबद्धता पहले ही स्पष्ट कर चुकी है और वर्ष 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को देश का संवैधानिक संकल्प मानते हुए उसका पूर्ण समर्थन करती है। कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन प्रक्रिया के जरिए सत्ता संतुलन को अपने पक्ष में करने का प्रयास कर रही है, जो लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करने की दिशा में एक चिंताजनक कदम है। उन्होंने कहा कि जाति जनगणना को नजरअंदाज कर ओबीसी, दलित और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। इस संदर्भ में उन्होंने नेता विपक्ष राहुल गांधी द्वारा लगातार इस मुद्दे को उठाए जाने का भी उल्लेख किया। कांग्रेस की नीति का जिक्र करते हुए कुमारी सैलजा ने कहा कि पार्टी सामाजिक न्याय, समान भागीदारी और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में वास्तविक समानता तभी संभव है जब सभी वर्गों को उनकी जनसंख्या के अनुरूप अधिकार और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने भाजपा सरकार से अपील की कि वह भ्रम फैलाना बंद करे और दलित, ओबीसी, तथा आदिवासी समुदायों के अधिकारों से खिलवाड़ करने की कोशिश न करे। कांग्रेस आने वाले समय में इन मुद्दों को और मजबूती से जनता के बीच उठाएगी।