केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज शुक्रवार को भारत की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन-संचालित ट्रेन की शुरुआत को ग्रीन मोबिलिटी के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक क्षण बताया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए गोयल ने लिखा, “भारत के ग्रीन मोबिलिटी भविष्य के लिए सचमुच एक ऐतिहासिक क्षण। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जींद-सोनीपत रूट पर भारत की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे।”
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कही ये बातें:
– यह 10-कोच वाली ट्रेन 1200 किलोवाट के हाइड्रोजन फ्यूल सेल प्रोपल्शन सिस्टम से चलती है और केवल पानी की भाप छोड़ती है।
– यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ और स्वच्छ, हरे-भरे भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है और यह इंजीनियरिंग की अद्भुत मिसाल है।
– प्रधानमंत्री मोदी के इनोवेशन-आधारित और नेट-जीरो ग्रोथ वाले विजन से प्रेरित यह प्रोजेक्ट देश को टिकाऊ रेल परिवहन में नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
पीयूष गोयल ने यह भी कहा कि जींद में विकसित स्वदेशी हाइड्रोजन स्टोरेज और रीफ्यूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ भारत अब उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जो क्लीन मोबिलिटी में नए मानक स्थापित कर रहे हैं।
ट्रेन की खासियतें:
– दो हाइड्रोजन ड्राइविंग पावर कार और आठ ट्रेलर कोच
– कुल क्षमता: लगभग 2600 यात्री
– अधिकतम गति: 110 किमी प्रति घंटा
– पूरी तरह भारत में डिजाइन, इंजीनियरिंग और एकीकृत
भारतीय रेलवे ने जींद में देश का पहला इंटीग्रेटेड हाइड्रोजन इकोसिस्टम तैयार किया है, जहां इलेक्ट्रोलिसिस से हाइड्रोजन का उत्पादन, कंप्रेशन, स्टोरेज और रीफ्यूलिंग की पूरी व्यवस्था है। प्रोजेक्ट में अत्याधुनिक सुरक्षा सिस्टम भी लगाए गए हैं।यह ट्रेन शुरू में जींद-सोनीपत के 89 किलोमीटर लंबे सेक्शन पर चलेगी। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत अब स्वच्छ ऊर्जा और आत्मनिर्भर तकनीक के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।