केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में कनेक्टिविटी बढ़ाने और जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बिना किसी रुकावट के पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बन रहे DND-फरीदाबाद-सोहना एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे परियोजना का निरीक्षण किया।
करीब 59.063 किलोमीटर लंबी यह छह लेन की हाई-स्पीड एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे परियोजना ‘भारतमाला परियोजना’ के तहत विकसित की जा रही है, जिसकी अनुमानित लागत 4,463 करोड़ रुपये है। यह कॉरिडोर दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम और सोहना को आपस में जोड़ेगा।
परियोजना की खास बात 140 मीटर लंबा नेटवर्क आर्च ब्रिज (NAB) है, जिसे देश की सबसे आधुनिक स्टील ब्रिज संरचनाओं में शामिल माना जा रहा है। इसमें आधुनिक टाइड-आर्च तकनीक और क्रॉस्ड हैंगर व्यवस्था का उपयोग किया गया है, जिससे पुल की मजबूती और भूकंप जैसी परिस्थितियों में स्थिरता बढ़ेगी।
हाईवे निर्माण में प्रीकास्ट सेगमेंटल तकनीक, लॉन्चिंग गर्डर, हाई-स्ट्रेंथ स्टील, हाई-डैम्पिंग रबर बेयरिंग और स्विवेल एक्सपेंशन जॉइंट जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
परियोजना में पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। सड़क निर्माण में ओखला और गाजीपुर लैंडफिल से निकाले गए लगभग दो लाख मीट्रिक टन बायो-माइंड इनर्ट मटेरियल का उपयोग किया गया है, जिससे प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भरता कम होगी। इसके अलावा, शोर अवरोधक, हरित पट्टी और पौधारोपण कार्य भी शामिल हैं।
सरकार के अनुसार, परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली-एनसीआर में यातायात का दबाव कम होगा, यात्रा समय घटेगा और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
इसके साथ ही, जेवर एयरपोर्ट को DND-फरीदाबाद बाईपास और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए 31.425 किलोमीटर लंबा एक अलग एक्सेस कंट्रोल्ड कॉरिडोर भी विकसित किया जा रहा है। करीब 2,360 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से भी जुड़ाव प्रदान करेगी।
सरकार का कहना है कि परियोजना के पूरा होने के बाद दक्षिण दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम से जेवर एयरपोर्ट तक पहुंच आसान और तेज होगी, जबकि दिल्ली में ट्रैफिक दबाव भी कम होगा।