आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने संसद को जानकारी दी है कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा प्रस्तुत परियोजना प्रस्तावों के आधार पर, मंत्रालय द्वारा अब तक देशभर में कुल 125.15 लाख घरों को मंजूरी दी गई है, जिनमें पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत 13.67 लाख घर शामिल हैं। स्वीकृत मकानों में से 116.57 लाख मकानों का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, जिनमें से 97.30 लाख मकान 2 मार्च 2026 तक लाभार्थियों को सौंप दिए गए हैं।
दरअसल, भूमि और आबादी की बसावट राज्य के विषय हैं। इसलिए, अपने नागरिकों, जिनमें पहली बार घर खरीदने वाले युवा, कामकाजी पेशेवर आदि के लिए आवास संबंधी योजनाएं राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा कार्यान्वित की जाती हैं। हालांकि, आवास और शहरी कार्य मंत्रालय 25 जून 2015 से प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी (पीएमएवाई- यू) के तहत केंद्रीय सहायता प्रदान करके राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रयासों में सहयोग कर रहा है, ताकि देश भर में पात्र युवा और कामकाजी पेशेवर शहरी लाभार्थियों को बुनियादी नागरिक सुविधाओं से युक्त पक्के मकान उपलब्ध कराए जा सकें।
पीएमएवाई- यू के कार्यान्वयन के अनुभवों से प्राप्त सीख के आधार पर, आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने योजना को संशोधित किया है और 1 सितंबर 2024 से पीएमएवाई- यू 2.0 ‘सभी के लिए आवास’ मिशन शुरू किया है, जिसका उद्देश्य अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ अतिरिक्त पात्र लाभार्थियों को किफायती लागत पर मकान का निर्माण, खरीद और किराये पर देना है।
यह योजना चार भागों के माध्यम से कार्यान्वित की जाती है, जिनमें लाभार्थी नेतृत्व निर्माण (बीएलसी), साझेदारी में किफायती आवास (एएचपी), किफायती किराये का आवास (एआरएच) और ब्याज सब्सिडी योजना (आईएसएस) शामिल हैं। आईएसएस भाग के तहत, 9 लाख रुपये तक की वार्षिक घरेलू आय वाले सभी पात्र लाभार्थी, जिनमें युवा वयस्क और कामकाजी पेशेवर शामिल हैं, 35 लाख रुपये तक के मकान मूल्य वाले 25 लाख रुपये तक के आवास ऋण पर 1.8 लाख रुपये तक की 4% ब्याज सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं।
इसके अतिरिक्त, शहरी प्रवासियों, छात्रों और युवा पेशेवरों को किफायती किराये पर आवास उपलब्ध कराने के लिए जुलाई 2020 में आवास मंत्रालय (एमओएचए) ने पीएमएवाई-यू की एक उप-योजना के रूप में किफायती किराये के आवास परिसरों (Affordable Rental Housing – ARH) की शुरुआत की, जिससे घर के स्वामित्व से परे आवास विकल्पों का विस्तार हुआ। एआरएचसी से प्राप्त अनुभवों के आधार पर, पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत किफायती किराये के आवास (एआरएच) का एक समर्पित उपक्षेत्र बनाया गया है।
आपको बता दें, एआरएच उपक्षेत्र का मूल उद्देश्य लक्षित लाभार्थियों के कार्यस्थलों के निकट किफायती किराये के आवासों के निर्माण को बढ़ावा देना है। रोजगार केंद्रों और कार्यस्थलों के निकट आवास को बढ़ावा देकर इस योजना का उद्देश्य यात्रा के समय और खर्च को कम करना, उत्पादकता और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना और अधिक समावेशी और टिकाऊ शहरी समुदायों का निर्माण करना है।