अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डिफेंस प्रोडक्शन एक्ट (DPA) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए रिकवर किए जा सकने वाले क्रिटिकल मिनरल्स एंड मटेरियल्स (CMM) पर सख्त नियंत्रण लगा दिया है। वाणिज्य विभाग को अब देश की रक्षा और सुरक्षा के लिए जरूरी घरेलू सप्लाई चेन को मजबूत करने के उद्देश्य से इन खनिजों के निर्यात पर रोक लगाने का अधिकार मिल गया है।
गुरुवार को जारी प्रेसिडेंशियल डिटरमिनेशन में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ये रिकवरेबल क्रिटिकल मिनरल्स और मटेरियल्स राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक औद्योगिक संसाधन हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि आयातित सप्लाई पर अमेरिका की अत्यधिक निर्भरता बढ़ता सुरक्षा खतरा बन गई है। मेमोरेंडम में स्पष्ट किया गया कि अमेरिका कुछ जरूरी खनिजों के लिए विदेशी स्रोतों पर बहुत ज्यादा निर्भर है, जिससे सप्लाई चेन में गंभीर और लगातार रुकावट का खतरा पैदा हो गया है। इसलिए तुरंत कार्रवाई की जरूरत है।
मुख्य बातें:
– निर्यात पर रोक: वाणिज्य सचिव को रेगुलेशन, नियम और निर्देश जारी कर इन खनिजों के निर्यात को नियंत्रित करने या रोकने का अधिकार मिला है।
– रीसाइक्लिंग पर जोर: सरकार ने कहा कि पुरानी लिथियम-आयन बैटरियों, स्थायी मैग्नेट्स और अन्य प्रोडक्ट्स से कीमती मटेरियल रिकवर करके उन्हें फिर से इस्तेमाल किया जा सकता है।
– रक्षा और उद्योग पर असर: ये खनिज एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम, मिलिट्री प्रोडक्शन, इलेक्ट्रिक वाहनों, सेमीकंडक्टर और नवीकरणीय ऊर्जा के लिए बेहद जरूरी हैं।
व्हाइट हाउस की फैक्ट शीट में कहा गया है कि यह फैसला अमेरिका के इंडस्ट्रियल बेस को मजबूत करने और विदेशी निर्भरता घटाने की दिशा में उठाया गया एक और बड़ा कदम है। इससे पहले मार्च 2025 में ट्रंप ने घरेलू खनिज उत्पादन बढ़ाने और परमिट प्रक्रिया आसान करने का कार्यकारी आदेश जारी किया था।
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन के पास रेयर अर्थ एलिमेंट्स और क्रिटिकल मिनरल्स की प्रोसेसिंग क्षमता का बड़ा हिस्सा होने के कारण अमेरिका अपनी सप्लाई चेन को सुरक्षित और स्वदेशी बनाने की कोशिशें तेज कर रहा है। यह फैसला फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित किया जाएगा और वाणिज्य विभाग जल्द ही इसके क्रियान्वयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा।