Monday, October 05, 2026
BREAKING
• New Release: 9 अक्टूबर को थिएटर में रिलीज होंगी ये 6 फिल्में, कॉमेडी, हॉरर और थ्रिलर का मिलेगा भरपूर डोज • ये रिश्ता क्या कहलाता है स्टार मोहसिन खान ने कर ली शादी, पत्नी संग शेयर की पहली वेडिंग फोटो • Bigg Boss 20 : सलमान खान ने आसिफ खान के मर्दानगी कमेंट पर लगाई क्लास, बोले- तुम जैसे कई… • गुरुग्राम को मिलेगी ग्लोबल पहचान, 25 एकड़ में विकसित होगा विश्व स्तरीय कन्वेंशन सेंटर : नायब सिंह सैनी • हरियाणा में 8 अक्टूबर को INDIA गठबंधन का ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ मार्च, सभी जिलों में कांग्रेस करेगी प्रदर्शन : राव नरेंद्र सिंह • हरियाणा कांग्रेस में फिर CM फेस की चर्चा, कुलदीप शर्मा ने कांग्रेस अध्यक्ष को पत्र लिख सामूहिक नेतृत्व पर चुनाव लड़ने का दिया सुझाव • अम्बाला के लोगों को जल्द मिलेगी बड़ी सौगात, सिविल अस्पताल के विस्तार के लिए आगे आए कैबिनेट मंत्री अनिल विज • हरियाणा के राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी राहत, प्रदेश के करीब 39.89 लाख बीपीएल और एएवाई परिवारों को मिलेगा इस योजना का लाभ... • मैड संधू की ह*त्या के मामले को लेकर बड़ी अपडेट, पुलिस कमिश्नर ने खोले राज • केंद्र की वित्तीय मदद पर राजनीति कर रही हिमाचल सरकार : जयराम

दुनिया

ट्रंप के खिलाफ बागी हुए उनके ही सांसद, विपक्षी दल से मिलाया हाथ; अब रुकेगा ईरान युद्ध?

04 जून, 2026 11:12 AM

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने एक ऐसा प्रस्ताव पास कर दिया है, जो ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध में ट्रंप की शक्तियों को सीमित कर देगा। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस प्रस्ताव को पास कराने के लिए ट्रंप की अपनी रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों ने भी बगावत कर दी और विपक्षी दल डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर वोट किया।


क्या है प्रस्ताव में और कैसे हुई वोटिंग?
प्रतिनिधि सभा में इस 'वॉर पॉवर्स रेजोल्यूशन' (युद्ध शक्ति प्रस्ताव) के पक्ष में 215 और विरोध में 208 वोट पड़े। ट्रंप के लिए सबसे बड़ी चिंता की बात यह रही कि चार रिपब्लिकन सांसदों ने पार्टी लाइन से हटकर डेमोक्रेट्स के पक्ष में वोट किया। वहीं, किसी भी डेमोक्रेट सांसद ने इस प्रस्ताव के खिलाफ वोट नहीं किया।


ट्रंप को क्या निर्देश?
इस प्रस्ताव के तहत राष्ट्रपति ट्रंप को साफ निर्देश दिया गया है कि जब तक अमेरिकी संसद (कांग्रेस) औपचारिक तौर पर युद्ध की घोषणा नहीं करती या सैन्य बल के इस्तेमाल की मंजूरी नहीं देती, तब तक अमेरिकी सैनिकों को ईरान से वापस बुलाया जाए। प्रस्ताव के प्रायोजक प्रतिनिधि ग्रेगरी मीक्स ने इसे एक 'बड़ा टर्निंग पॉइंट' बताते हुए कहा कि अब रिपब्लिकन सांसद भी उन स्थानीय लोगों की आवाज सुन रहे हैं, जो मिडिल ईस्ट में एक और अंतहीन युद्ध नहीं चाहते।


क्या अब सच में रुक जाएगा ईरान युद्ध?
भले ही यह प्रस्ताव पास हो गया है, लेकिन इसे फिलहाल 'प्रतीकात्मक' ही माना जा रहा है। इसे कानून बनने और पूरी तरह लागू होने के लिए अभी सीनेट से भी पास होना होगा। सबसे बड़ी बाधा खुद व्हाइट हाउस है, क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप के पास वीटो का अधिकार है जिससे वह इस बिल को ब्लॉक कर सकते हैं।


हालांकि, यह वोटिंग दिखाती है कि तीन महीने से चल रहे इस युद्ध को लेकर खुद रिपब्लिकन पार्टी में कितनी चिंता बढ़ गई है। बता दें कि इसी साल 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हमले शुरू किए थे, जिसके बाद जून में अब यह युद्ध अपने चौथे महीने में प्रवेश कर चुका है।


इन फैसलों पर भी ट्रंप के खिलाफ गए अपने ही सांसद
ईरान युद्ध ही नहीं, कई अन्य मुद्दों पर भी रिपब्लिकन सांसद ट्रंप के खिलाफ खड़े नजर आ रहे हैं।

यूक्रेन को सैन्य मदद: प्रतिनिधि सभा ने 'यूक्रेन सपोर्ट एक्ट' पर वोटिंग का रास्ता साफ कर दिया है। रूस के खिलाफ लड़ रहे यूक्रेन को सैन्य मदद देने वाले इस कदम के समर्थन में भी 6 रिपब्लिकन और एक निर्दलीय सांसद ने वोट किया।


'वेपनाइजेशन' फंड का विरोध: राजनीतिक सहयोगियों को फायदा पहुंचाने के लिए ट्रंप द्वारा बनाए जा रहे 'वेपनाइजेशन' फंड की योजना के खिलाफ भी रिपब्लिकन सांसदों ने बगावत की।

खुफिया प्रमुख की नियुक्ति पर नाराजगी: बिल पुल्टे को नेशनल इंटेलिजेंस का कार्यवाहक निदेशक बनाने पर भी रिपब्लिकन सांसदों ने ट्रंप की तीखी आलोचना की है। सांसदों का कहना है कि पुल्टे के पास राष्ट्रीय सुरक्षा का कोई अनुभव नहीं है।

चुनाव से पहले विपक्ष को मिला बड़ा हथियार
डेमोक्रेट्स का कहना है कि अमेरिकी संविधान के मुताबिक सिर्फ संसद ही युद्ध की घोषणा कर सकती है, राष्ट्रपति नहीं। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि बिना किसी साफ रणनीति के ट्रंप ने देश को एक लंबे युद्ध में धकेल दिया है।


इस युद्ध का असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर भी दिख रहा है। युद्ध शुरू होने के बाद से ही अमेरिका में गैस, खाने-पीने की चीजों और अन्य उत्पादों की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। अप्रैल में थोक महंगाई दर चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले डेमोक्रेट्स ने इस महंगाई को अपना सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बना लिया है।

दूसरी तरफ, ट्रंप प्रशासन लगातार इस बात पर अड़ा है कि अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए और ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए यह युद्ध बेहद जरूरी है। वहीं, रिपब्लिकन समर्थकों का कहना है कि डेमोक्रेट्स यह सब सिर्फ राजनीतिक फायदे और ट्रंप को कमजोर करने के लिए कर रहे हैं।

 

Have something to say? Post your comment

और दुनिया खबरें

अमेरिका के ओहायो में हिंदू मंदिर पर हमला, खिड़कियों के टूटे शीशे

अमेरिका के ओहायो में हिंदू मंदिर पर हमला, खिड़कियों के टूटे शीशे

सिडनी में तेज रफ्तार कार की टक्‍कर से नौ घायल, दो की हालत गंभीर

सिडनी में तेज रफ्तार कार की टक्‍कर से नौ घायल, दो की हालत गंभीर

पीयूष गोयल ने प्रवासी भारतीयों को अमेरिका-भारत का 'जीवंत सेतु' बताया

पीयूष गोयल ने प्रवासी भारतीयों को अमेरिका-भारत का 'जीवंत सेतु' बताया

यूएई के शीर्ष अधिकारी ने 'खतरनाक आतंकवादी हमले' के दौरान भारतीय पायलट की हिम्मत को सराहा

यूएई के शीर्ष अधिकारी ने 'खतरनाक आतंकवादी हमले' के दौरान भारतीय पायलट की हिम्मत को सराहा

यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए पीएम मोदी के पास अच्छे सुझाव हैं : राष्ट्रपति पुतिन

यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए पीएम मोदी के पास अच्छे सुझाव हैं : राष्ट्रपति पुतिन

फ्लाईदुबई घटना भले ही हमारे देश में नहीं हुई लेकिन करेंगे गहन जांच: यूएई

फ्लाईदुबई घटना भले ही हमारे देश में नहीं हुई लेकिन करेंगे गहन जांच: यूएई

तेजी से पिघल रहे स्विट्जरलैंड के ग्लेशियर, 5 वर्षों में ही लगभग 20 फीसदी बर्फ खत्म: रिपोर्ट

तेजी से पिघल रहे स्विट्जरलैंड के ग्लेशियर, 5 वर्षों में ही लगभग 20 फीसदी बर्फ खत्म: रिपोर्ट

भारत दौरे पर आएंगे पोलैंड के पीएम डोनाल्ड टस्क, 100 बड़ी कंपनियों का प्रतिनिधिमंडल भी होगा साथ

भारत दौरे पर आएंगे पोलैंड के पीएम डोनाल्ड टस्क, 100 बड़ी कंपनियों का प्रतिनिधिमंडल भी होगा साथ

अफगानिस्तान में 5.3 तीव्रता के भूकंप से दहशत, इस साल कई बार कांपी धरती

अफगानिस्तान में 5.3 तीव्रता के भूकंप से दहशत, इस साल कई बार कांपी धरती

अफगानिस्तान में पाकिस्तान के हवाई हमले, लगभग 9 नागरिकों की मौत

अफगानिस्तान में पाकिस्तान के हवाई हमले, लगभग 9 नागरिकों की मौत