चंडीगढ़ : सिरसा लोकसभा क्षेत्र की सांसद कुमारी सैलजा ने हरियाणा सरकार की जल संसाधन प्रबंधन संबंधी नीतियों और तैयारियों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि भीषण गर्मी के इस दौर में प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जबकि कई स्थानों पर पानी की आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित है। ऐसे समय में सरकार की लापरवाही और अधूरी तैयारियां आने वाले वर्षा ऋतु में जनता और किसानों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन सकती हैं।
कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार की ओर से हर वर्ष यह दावा किया जाता है कि 30 जून तक सभी बाढ़ सुरक्षा एवं जल प्रबंधन संबंधी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे, लेकिन वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत है। घग्गर नदी के तटबंधों को मजबूत करने, हिसार ड्रेन को घग्गर नदी से जोड़ने तथा वर्षा जल के वैज्ञानिक प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं वर्षों से अधूरी पड़ी हैं।
सांसद ने कहा कि हिसार ड्रेन को घग्गर नदी से जोड़ने की परियोजना तीन वर्ष से अधिक समय से अधर में लटकी हुई है। यदि यह परियोजना समय पर पूरी कर ली जाती तो बरसात के दौरान अतिरिक्त पानी का बेहतर प्रबंधन संभव होता। इसी प्रकार घग्गर नदी के तटबंधों की मजबूती पर भी अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जबकि सिरसा, फतेहाबाद और प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में घग्गर नदी हर वर्ष बाढ़ और कटाव के कारण भारी नुकसान पहुंचाती है।
सांसद ने कहा कि सरकार यदि समय रहते प्रभावी कदम उठाए तो घग्गर में आने वाले अतिरिक्त वर्षा जल को नहर प्रणाली के माध्यम से किसानों तक पहुंचाया जा सकता है। इससे एक ओर बाढ़ का खतरा कम होगा तो दूसरी ओर सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ेगी। लेकिन दूरदर्शिता और योजनाबद्ध कार्यों के अभाव में प्रदेश को हर वर्ष एक जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
कुमारी सैलजा ने सरकार से मांग की कि सभी लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, घग्गर नदी के तटबंधों को तुरंत मजबूत किया जाए तथा नहरों और ड्रेनों की सफाई का कार्य युद्धस्तर पर कराया जाए, ताकि जनता को पेयजल संकट और किसानों को संभावित नुकसान से बचाया जा सके।
हरियाणा नहीं ले पा रहा अपने हिस्से का पूरा पानी
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि भाखड़ा मुख्य नहर और उससे जुड़ी शाखाओं की समय पर सफाई नहीं होने के कारण हरियाणा अपने हिस्से का पूरा पानी प्राप्त नहीं कर पा रहा है। कई स्थानों पर नहरों में झाड़ियां, घास-फूस और सिल्ट जमा होने से जल प्रवाह प्रभावित हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि नहरों की नियमित सफाई और रखरखाव नहीं होने से सिंचाई व्यवस्था पर सीधा असर पड़ता है। इसका खामियाजा किसानों के साथ-साथ पेयजल व्यवस्था को भी भुगतना पड़ता है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि जल संसाधनों के प्रबंधन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। सरकार को तत्काल नहरों की सफाई और मरम्मत कार्य पूरा कर हरियाणा को उसके हिस्से का पूरा पानी सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि आने वाले समय में किसानों और आम जनता को संकट का सामना न करना पड़े।