अंबाला छावनी : हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि जितने भी सेवा के कार्य है उन सब कार्यों में सबसे श्रेष्ठ शिक्षा देने का काम है। केवल जन्म लेने से कोई इंसान नहीं बन सकता, शिक्षा उसे इंसान बनाती है, शिक्षा कायदे-कानून से उसको अवगत कराती है। विज आज अम्बाला छावनी के बंगाली मोहल्ले में मुस्द्दी लाल आर्य कन्या उच्च विद्यालय के वार्षिकोत्सव के दौरान लोगों को संबोधित कर रहे थे।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि बच्चा कच्ची मिट्टी की तरह है और यह कुम्हार के हाथ में है कि वह उसे ढाल के क्या बनाएगा। इसी प्रकार, शिक्षाविदों के हाथ में है कि बच्चों को कैसी शिक्षा देकर क्या बनाया जाएगा। इनको किस प्रकार से शिक्षा देकर सर्वश्रेष्ठ नागरिक बनाए। पहले गुरूकुल होते थे, स्कूल व गुरूकुल में अंतर है। स्कूल में केवल शिक्षा, अक्षर ज्ञान कराया जाता है। मगर, गुरूकुल में शिक्षा के साथ संस्कार भी दिए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि हमारी सभ्यता विश्व की सबसे पुरानी सभ्यता है। मगर सोने की चिडिया कहलाए जाने वाले हमारे देश में बाहरी आक्रमणकारी समय-समय पर लूटते रहे और अपना प्रभाव डालते रहे। आज भी 80 प्रतिशत बच्चे अपनी मां को मम्मी कहते हैं। हमारी सभ्यता में हर रिश्ते का नाम था मगर, बाहरी आक्रमणकारियों ने हमारे मूल्यों को भी परिवर्तित किया। उन्होंने पंक्तियां पढ़ते हुए कहा कि “यू तो रहा है दुश्मन दौरे-ए-जमां हमारा, कुछ तो है हस्ती मिटती नहीं हमारी”। देश में बड़े-बड़े आक्रमणकारी आए, मगर हम फिर से खड़े हुए।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज देश काफी आगे की स्थिति में पहुंच गया है। नरेंद्र मोदी जब प्रधानमंत्री बने तब हमारी अर्थव्यवस्था 14 नंबर पर थी और अब हम तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। प्रधानमंत्री ने देश से वादा किया है कि हम 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाएंगे। हमारे जो शिक्षण संस्थान है वह बच्चे को ढालकर बेहतर इंसान बनाते हैं ताकि वह भविष्य की चुनौतियां का सामना कर सके।
जो लोग शिक्षण संस्थानों में कार्य करते है वह सम्मानीय है। लड़कियों को शिक्षा देने यह बहुत बड़ा कार्य है और इस स्कूल में लड़कियों को शिक्षा देकर स्कूल बेहतर कार्य कर रहा है व इससे बड़ा कोई पुण्य नहीं हो सकता। बच्चों ने कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए जिन्होंने मनमोह लिया और इसी से यह पता लगाया जा सकता है कि किस तरह स्कूल में बच्चों को तराशा जा रहा है।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि उनसे पहले मंच से उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों का जिक्र किया जा रहा था। मगर वह कहना चाहते हैं कि वह कुछ नहीं है “मेरा मुझ में कुछ नहीं जो कुछ है सो तोए, तेरा तुझको सौंपते, क्या लागे है मोए”, यह सब आपका ही है, वह तो केवल चौकीदार है। सरकार की ओर से जो सहायता राशि दी जाती है वह आपकी ही अमानत है। उन्होंने कहा कि आपकी ताकत से ही अम्बाला छावनी में ढेरों विकास कार्य हो सके हैं। अम्बाला छावनी में जितना विकास अम्बाला छावनी में हुआ उसका दस प्रतिशत भी कही नहीं हुआ। विकास के कार्य स्वयं बोलते हैं।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि अम्बाला छावनी में राष्ट्रीय स्तर का शहीद स्मारक बन रहा है जिसका जल्द प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि 1857 में आजादी की पहली लड़ाई को समर्पित यह पहला स्मारक बन रहा है जिसकी शुरूआत अम्बाला छावनी से हुई थी। कार्यक्रम के दौरान ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने स्कूल प्रबंधन को 10 लाख रुपए की राशि प्रदान की।
इस अवसर पर स्कूल प्रबंधक ओपी सिंगला, संरक्षिका विजय गुप्ता, प्रिंसिपल सरिता अद्लखा, प्रबंधक वेदप्रकाश मदान, नप उपाध्यक्ष ललता प्रसाद, पार्षद मदनलाल शर्मा व महेश अग्रवाल के अलावा भाजपा नेता रवि बुद्धिराजा, प्रवेश शर्मा, अनिल बहल, दीपक भसीन, डा. दिनेश अग्रवाल, अनुज यादव, अनिल नागर सहित अन्य मौजूद रहे।