नई दिल्ली : अखिल भारतीय कांग्रेस वालंटियर्स कमेटी (AICVC) की ओर से पार्टी के चार वरिष्ठ नेताओं—कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार, केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वी. डी. सतीशन, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी—को कारण बताओ नोटिस (Show-Cause Notice) जारी किया गया है। यह नोटिस राहुल गांधी के नेतृत्व में चलाए जा रहे 'छात्रों की गूंज' अभियान को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर समर्थन न देने और प्रचार-प्रसार में भागीदारी न निभाने को लेकर जारी किया गया है।
'छात्रों की गूंज' से बनाई दूरी, कमेटी ने जताई गंभीर चिंता
AICVC के चेयरमैन राव साब की अध्यक्षता में जनरल काउंसिल की बैठक में पारित निर्णय के तहत यह नोटिस जारी किया गया। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि देश के युवाओं और छात्रों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के उद्देश्य से शुरू किए गए 'छात्रों की गूंज' अभियान को इन वरिष्ठ नेताओं ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से सार्वजनिक समर्थन नहीं दिया, जिसे कमेटी ने अत्यंत गंभीरता से लिया है।
72 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने के निर्देश
नोटिस के जरिए संबंधित नेताओं से तीन मुख्य बिंदुओं पर 72 घंटे के भीतर जवाब मांगा गया है:
क्या उन्होंने अपने आधिकारिक अकाउंट से इस अभियान को समर्थन दिया है? यदि हां, तो उसका प्रासंगिक लिंक साझा करें।
यदि अब तक समर्थन नहीं दिया गया है, तो इसके पीछे के कारणों को स्पष्ट करें।
इस संबंध में तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई (Corrective Action) क्या की जा रही है, इसकी जानकारी दें।
कमेटी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि तय 72 घंटे की समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मामले को AICVC सदस्यों के समक्ष संगठनात्मक जवाबदेही और सार्वजनिक पूछताछ (Public Questioning) के लिए रखा जाएगा।
CWC सदस्यों की भूमिका भी जांच के दायरे में
नोटिस में यह भी दर्ज किया गया है कि कांग्रेस कार्य समिति (CWC) के सभी सदस्यों के सार्वजनिक जुड़ाव की भी समीक्षा की जा रही है। जिन CWC सदस्यों ने 'छात्रों की गूंज' अभियान का समर्थन या प्रचार नहीं किया है, उनके खिलाफ भी AICVC सदस्यों द्वारा जवाबदेही तय करने की अलग से कार्रवाई की जा सकती है।