चंडीगढ़ के SSP कुलदीप सिंह चहल ने सुखना लेक में स्टूडेंट को बचाने वाले 2 बहादुरों को सम्मानित किया है। मेजर जितेश चड्ढा और सॉफ्टवेयर इंजीनियर मयंक शर्मा की बहादुरी को SSP ने सलाम किया है। 32 वर्ष के इन दोनों बहादुर युवाओं ने बीते सोमवार शाम सुखना लेक में 18 साल के B.COM स्टूडेंट को डूबने से बचाया था। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए SSP ने इसकी जानकारी देते हुए कहा है कि हम (पुलिस) इन दोनों की बहादुरी की सराहना करते हैं जिन्होंने डूबते हुए एक 18 वर्षीय युवक की जान बचाई।
SSP की सोशल मीडिया पर इस पोस्ट पर एक व्यक्ति ने कहा कि इन दोनों बहादुरों को गणतंत्र दिवस पर प्रशासक के हाथों सम्मानित किया जाना चाहिए। वहीं एक अन्य व्यक्ति ने लिखा है कि इन बहादुर युवाओं का दिल बहुत अच्छा है। वहीं कहा है कि पता नहीं क्यों लोग आत्महत्या के लिए कदम उठाते हैं। शायद वह दिमाग से कमजोर होते हैं।
बता दें कि चंडीगढ़ में बीती सोमवार शाम लगभग 6 बजे मुल्लांपुर के रहने वाले एक 18 वर्षीय B.COM स्टूडेंट ने सुखना लेक में छलांग लगा दी। इसके बाद वह डूबने लगा। लेक पर घूम रहे लोगों ने उसकी चीखें सुनी तो मदद को चिल्लाए। इसी दौरान यहां जॉगिंग कर रहे पेशे से इंजीनियर मयंक शर्मा और मेजर जितेश चड्ढा मदद को दौड़े। उन्होंने युवक को बचाने के लिए लेक में छलांग लगा दी। वह तैर कर युवक के पास पहुंचे और उसका रेस्क्यू किया।
3 से 4 मिनट में किया रेस्क्यू
सॉफ्टवेयर इंजीनियर रायपुर खुर्द निवासी मयंक शर्मा (32) IT पार्क, चंडीगढ़ में जॉब करते हैं। वहीं उनके फ्रेंड मेजर जितेश चड्ढा(32) पंचकूला में रहते हैं और छुट्टियों पर आए हुए थे। दोनों ने जॉगिंग करते हुए देखा कि लेक के एंड पॉइंट पर लोग इकट्ठा हैं और शोर मचा रहे थे। उन्होंने पास जाकर देखा तो एक युवक डूब रहा था। उन्होंने 112 नंबर पर पुलिस को कॉल किया मगर वह हरियाणा पुलिस को मिल गई। इसके बाद जब तक कॉल चंडीगढ़ पुलिस को मिली वह दोनों पानी में कूद गए और 3 से 4 मिनट में युवक को बचा लाए। लेक किनारे खड़े लोगों और पुलिस ने उनकी खूब प्रशंसा की।
पिता के सामने बोला- गलती से लेक में गिर गया
यदि समय रहते युवक का रेस्क्यू न किया जाता तो उसकी जान जा सकती थी। घटना की जानकारी पाकर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने युवक के बयान दर्ज कर सेक्टर 3 थाने में DDR दर्ज करवा दी। पानी से निकाले गए स्टूडेंट को इलाज के लिए पुलिस सेक्टर 16 गवर्नमेंट मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल ले गई। उसकी हालत अब ठीक है। वहीं जानकारी के मुताबिक शुरुआत में युवक ने निजी कारणों से आत्महत्या के प्रयास की बात कही। वहीं जब उसके पिता पहुंचे तो स्टूडेंट ने कहा कि वह गलती से लेक में गिर गया था। ऐसे में पुलिस ने फिलहाल युवक पर कोई कार्रवाई नहीं की है।
बता दें कि लेक का एरिया काफी ज्यादा है और यहां लेक के चारों तरफ हर समय पुलिस के लिए पेट्रोलिंग करना भी आसान नहीं है। ऐसे में कई बार इस प्रकार की घटनाओं में समय रहते मदद और जानकारी न पहुंचने पर हादसे हो जाते हैं। हालांकि पुलिस टीम इलेक्ट्रॉनिक गाड़ी पर लेक के आसपास राउंड लगाती रहती है।