मासूम लोगों को रेजिडेंशियल और कॉमर्शियल प्लाट्स देने के नाम पर करोड़ों की ठगी कर फरार चल रहे M/s गुप्ता बिल्डर्स एंड प्रमोटर्स (GBP) प्राइवेट लिमिटेड से लिंक्ड अनुपम गुप्ता को चंडीगढ़ जिला अदालत ने अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है। फरार गुप्ता ने उसके खिलाफ दर्ज 14 धोखाधड़ी मामलों में कोर्ट से जमानत मांगी थी। अनुपम गुप्ता ग्रीन रिएल्टर्स एंड मार्केटर्स प्राइवेट लिमिटेड का डायरेक्टर है जो कथित रूप से GBP से जुड़ी है।
पिछले 2 सालों में गुप्ता के खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस 19 FIR दर्ज कर चुकी हैं। एक ही FIR में कई शिकायतकर्ता हैं। इन केसों में लगभग 40 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी शामिल है। GBP के बाकी तीन डायरेक्टर्स में सतीश गुप्ता, प्रदीप गुप्ता और रमन गुप्ता शामिल हैं।
भगोड़ा अग्रिम जमानत का हकदार नहीं
गुप्ता के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि आरोपी को इन केसों में झूठा फंसाया गया है। वहीं पब्लिक प्रोसिक्यूटर जेपी सिंह ने कहा कि आरोपी GBP के साथ जुड़ा है। वहीं आगे कहा गया कि आरोपी 4 केसों में भगोड़ा (PO) घोषित किया जा चुका है। हाईकोर्ट की एक जजमेंट को पेश करते हुए कहा गया कि भगोड़ा आरोपी अग्रिम जमानत का हकदार नहीं है।
पंजाब और चंडीगढ़ में करोड़ों का चूना लगाया
GBP के डायरेक्टर्स के खिलाफ चंडीगढ़ समेत पंजाब में भी कई FIR दर्ज हैं। चंडीगढ़ पुलिस का आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने इसके डायरेक्टर भाइयों की सूचना देने पर 50-50 हजार रुपए इनाम की घोषणा भी की हुई है। इनके खिलाफ दायर शिकायतों में लोगों का कहना है कि उन्होंने इसके प्रोजेक्ट्स में रेजिडेंशियल और कॉमर्शियल प्लाट्स के लिए इन्वेस्टमेंट की थी। हालांकि न तो उन्हें प्लाट दिए गए और न ही उनके लाखों रुपए वापस हुए।
चारों भाइयों में से 3 का डेरा बस्सी में घर
4 भाइयों में से 3 आदर्श नगर, डेरा बस्सी (मोहाली) के रहने वाले हैं। इनमें सतीश गुप्ता, प्रदीप गुप्ता और रमन गुप्ता हैं। वहीं चौथा भाई अनुपम गुप्ता सेक्टर 48 सी चंडीगढ़ की सीनियर सिटीज़न सोसाइटी का निवासी है। बता दें कि पुलिस GBP के डायरेक्टर्स की प्रॉपर्टी को कानूनी धारा के तहत अटैच करने की प्रक्रिया भी शुरू कर रही है। बीते फरवरी से कंपनी के चारों डायरेक्टर्स फरार हैं।
यहां शुरू किए थे प्रोजेक्ट्स
आरोपी डायरेक्टर्स लोगों को अपने प्रोजेक्ट्स की लुभावनी तस्वीरें दिखा उन्हें इन्वेस्ट करने को कहते थे। इसके बाद न तो उन्हें पोजेशन दिया और न ही उनकी रकम वापस की थी। इसके प्रोजेक्ट्स डेरा बस्सी, जीरकपुर, न्यू चंडीगढ़ एवं अन्य जगहों पर थे। यहां पर सैकड़ों लोगों ने इनके प्रोजेक्ट्स में लाखों रुपए इन्वेस्ट किए थे।