चंडीगढ़ : डड्डू माजरा कचरा डंपिंग ग्राउंड को समाप्त कर साइट की बायो-रीमेडिएशन कराने को लेकर सांसद मनीष तिवारी द्वारा संसद में बार-बार उठाया गया मुद्दा अब आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। शहरी विकास एवं आवास राज्य मंत्री की ओर से दिए गए जवाब के बाद इस दिशा में ठोस प्रगति के संकेत मिले हैं।
मनीष तिवारी ने बताया कि केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ में कचरे के स्थायी समाधान के लिए “वेस्ट टू एनर्जी” परियोजना को मंजूरी दे दी है तथा परियोजना में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी भी स्वीकृत कर दी गई है। इससे लंबे समय से लंबित डंपिंग ग्राउंड की समस्या के समाधान की उम्मीद जगी है।
हालांकि केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि डड्डू माजरा डंपिंग साइट को पूरी तरह साफ करने और वहां जमा कचरे के निस्तारण की जिम्मेदारी चंडीगढ़ नगर निगम और चंडीगढ़ प्रशासन की है। इस संबंध में केंद्र ने स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही तय की है।
मनीष तिवारी ने नगर निगम और प्रशासन पर ढिलाई बरतने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि निगम और प्रशासन द्वारा संसद, न्यायालयों तथा संसदीय स्थायी समितियों के समक्ष डंपिंग साइट को साफ करने के लिए अलग-अलग समय-सीमाएं दी गईं, लेकिन बार-बार अपनी ही प्रतिबद्धताओं और दायित्वों का पालन नहीं किया गया।
सांसद ने कहा कि डड्डू माजरा का कचरा पहाड़ वर्षों से स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी खतरा बना हुआ है। ऐसे में अब समय आ गया है कि परियोजना को तेज गति से लागू किया जाए और साइट को पूरी तरह बायो-रीमेडिएट कर स्वच्छ बनाया जाए।
उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र की स्वीकृति के बाद अब चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए डंपिंग ग्राउंड को हटाने की दिशा में ठोस और समयबद्ध कदम उठाएंगे।