चंडीगढ़: सेक्टर-20 डी स्थित गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ एजुकेशन में बी.एड. तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए आयोजित 12 दिवसीय स्टूडेंट्स इंडक्शन प्रोग्राम ऑन यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज (यूएचवी) का शुक्रवार को समापन हो गया। कार्यक्रम का आयोजन 20 जुलाई से 1 अगस्त तक महाविद्यालय के यूएचवी सेल एवं पंजाब विश्वविद्यालय के यूएचवी सेल के संयुक्त तत्वावधान में यूजीसी और एआईसीटीई के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ 20 जुलाई को महाविद्यालय के डीन डॉ. ए.के. श्रीवास्तव ने किया। उद्घाटन सत्र में विद्यार्थियों को स्टूडेंट्स इंडक्शन प्रोग्राम तथा शिक्षा में यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज की अवधारणा से परिचित कराया गया। इस दौरान मूल्य आधारित शिक्षा, समग्र विकास तथा समग्र विकास में शिक्षा की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि निरंतर सुख और समृद्धि की मानवीय आकांक्षाएं समग्र शिक्षा का मूल उद्देश्य हैं।
आज आयोजित हुए समापन सत्र में कॉलेज की प्राचार्य डॉ. सपना नंदा मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। इस अवसर पर यूएचवी विशेषज्ञ एवं इंडो ग्लोबल कॉलेज, मोहाली के प्रोफेसर डॉ. विशाल कुमार ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए जीवन में मानवीय मूल्यों के व्यावहारिक महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को मूल्य आधारित शिक्षा, समग्र विकास, स्वस्थ जीवनशैली, मानवीय संबंध, आत्मविश्वास, सहकारिता, कृतज्ञता, पारस्परिक विश्वास तथा जिम्मेदार नागरिकता जैसे विषयों से परिचित कराया गया। विभिन्न संवादात्मक सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों ने जीवन में सही समझ, सकारात्मक सोच तथा मानवीय मूल्यों को अपनाने की आवश्यकता को समझा।
कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के डीन डॉ. ए.के. श्रीवास्तव ने किया था। विभिन्न सत्रों का संचालन डॉ. श्योजी सिंह, डॉ. वंदना अग्रवाल, डॉ. निशा सिंह, डॉ. रविंदर कुमार तथा पंजाब विश्वविद्यालय की डॉ. गरिमा जोशी ने किया।
अपने संबोधन में डॉ. सपना नंदा ने विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि एक शिक्षक के लिए विषय ज्ञान के साथ-साथ नैतिक एवं मानवीय मूल्यों का होना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे कार्यक्रम से प्राप्त सीख को अपने व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में अपनाकर समाज के प्रति जिम्मेदार शिक्षक बनने का प्रयास करें।
कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों के आत्ममूल्यांकन एवं अनुभव साझा करने के साथ हुआ।