पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के संबोधन के बाद उसी मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ की घटना की कड़ी निंदा की है। सांसद ने कहा कि यदि यह घटना उसी रूप में हुई है, जैसा सामने आया है, तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और सामाजिक समानता तथा संवैधानिक मूल्यों के विपरीत मानसिकता को दर्शाती है। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और तथ्यों के आधार पर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
मीडिया को जारी बयान में कुमारी सैलजा ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे देश के वरिष्ठतम नेताओं में शामिल हैं और उनका दशकों लंबा सार्वजनिक जीवन सामाजिक न्याय, लोकतंत्र और संविधान के मूल्यों के प्रति समर्पित रहा है। संसद से लेकर जन आंदोलनों तक उन्होंने गरीबों, वंचितों और कमजोर वर्गों की आवाज उठाई है। ऐसे वरिष्ठ नेता द्वारा जनता को संबोधित किए जाने के बाद मंच का कथित रूप से ‘शुद्धिकरण’ किया जाना केवल किसी व्यक्ति अथवा राजनीतिक दल से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि इससे सामाजिक समरसता और समानता से जुड़े गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
कुमारी सैलजा ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता और सम्मान का अधिकार देता है तथा छुआछूत को स्पष्ट रूप से समाप्त करता है। आजादी के इतने दशकों बाद भी यदि किसी व्यक्ति की सामाजिक पहचान को लेकर ‘शुद्ध’ और ‘अशुद्ध’ जैसी सोच सामने आती है तो पूरे समाज को इसके विरुद्ध एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए। राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन किसी भी राजनीतिक विरोध को जातिगत या सामाजिक भेदभाव का स्वरूप देना स्वीकार्य नहीं हो सकता।
कुमारी सैलजा ने भाजपा से सवाल किया कि हल्द्वानी में सामने आई इस घटना को लेकर वह अपना रुख स्पष्ट करे। सांसद ने कहा कि भाजपा नेतृत्व को बताना चाहिए कि क्या वह ऐसी किसी गतिविधि का समर्थन करता है और यदि नहीं, तो उससे जुड़े लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी। किसी भी राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है कि वह समाज को जोड़ने और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने का काम करे, न कि ऐसी घटनाओं को बढ़ावा दे जिनसे विभिन्न वर्गों के बीच दूरी और अविश्वास पैदा हो।
सांसद ने कहा कि देश और प्रदेश के सामने बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनहित से जुड़े अनेक गंभीर मुद्दे हैं। राजनीति इन समस्याओं के समाधान पर केंद्रित होनी चाहिए। जाति और धर्म के आधार पर समाज में विभाजन पैदा करने वाली किसी भी सोच से लोकतंत्र कमजोर होता है।
कुमारी सैलजा ने नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मांग की कि इस पूरे प्रकरण का तत्काल संज्ञान लेकर तथ्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच में यदि किसी कानून का उल्लंघन अथवा सामाजिक भेदभाव से जुड़ा अपराध सामने आता है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस सामाजिक न्याय, समानता और संविधान की मूल भावना की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक और प्रत्येक नेता को समान सम्मान मिलना चाहिए। समाज को पीछे ले जाने वाली संकीर्ण और जातिवादी मानसिकता का लोकतांत्रिक भारत में कोई स्थान नहीं होना चाहिए।
14 को सिरसा, 15 को हिसार में रहेंगी कुमारी सैलजा
सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा 14 अगस्त को सिरसा और 15 अगस्त को हिसार में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगी। 14 अगस्त, शुक्रवार को सुबह 10 बजे वे सिरसा के शहीद भगत सिंह स्टेडियम में सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत वाटर टैंकरों का वितरण करेंगी। इसके बाद वे जिला सिरसा में आयोजित विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों में शिरकत करेंगी। 15 अगस्त, शनिवार को कुमारी सैलजा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक हिसार स्थित अपने आवास पर आमजन से मुलाकात करेंगी।