चंडीगढ़ : पराली को आग लगाने के कारण पैदा हुआ धुंआ और मौसम की तबदीली के कारण बनी स्मॉग ने हालात ज्यादा खराब कर दिए है। विजिबिलिटी कम होने के कारण सड़क यातायात भी प्रभावित हो रहा है और हादसों का खतरा भी ज्यादा हो गया है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों को झेलनी पड़ रही है।
राज्य के कई जिलों का प्रदूषण स्तर खतरनकार स्तर पर पहुंचा हुआ है। स्कूलों में बच्चों की फिजिकल कक्षाएं , प्रार्थना सभा ये सब खुले मैदान में होता है, जो बच्चों की सेहत के लिए हानिकारक है। सुबह-सुबह हवा गुणवता (Air quality index) खराब होने के कारण स्कूली बच्चों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। इसके मद्देनजर कई स्कूलों ने पिछले कुछ दिनों Activites बंद कर दी है जबकि कुछ स्कूलों में अभी भी रेगुलर प्रैक्टिस चल रही है। इस सबके कारण बच्चे बीमार हो रहे है, इस सबकों देखते हुए डॉक्टरों ने मास्क पहनने की सलाह दी है। साथ ही बच्चों को इस मौसम में कम बाहर निकालने की सलाह दी है।