शिमला : कैलाश फेडरेशन के चेयरमैन बलदेव ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों एवं पेंशनरों को 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) देने की घोषणा का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का यह निर्णय लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक राहत प्रदान करने वाला है। महंगाई के इस दौर में महंगाई भत्ते में वृद्धि से कर्मचारियों को अपने परिवारों की आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी और उनके आर्थिक हितों को मजबूती मिलेगी।
बलदेव ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारी सरकार की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने और विकास योजनाओं को धरातल पर लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, प्रशासन, ग्रामीण विकास तथा अन्य विभागों में कार्यरत कर्मचारी प्रदेश की प्रगति के मजबूत स्तंभ हैं। कर्मचारियों की मेहनत, ईमानदारी और समर्पण के कारण ही सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचता है। इसलिए कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना और उनकी जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेना किसी भी संवेदनशील सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा महंगाई भत्ते में कुल 5 प्रतिशत वृद्धि का निर्णय कर्मचारियों के प्रति सरकार की सकारात्मक सोच को दर्शाता है। घोषित वृद्धि के बाद महंगाई भत्ता 45 प्रतिशत से बढ़कर 50 प्रतिशत हो जाएगा। सरकार की घोषणा के अनुसार, बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता अक्टूबर माह के वेतन के साथ नवंबर में दिए जाने का प्रावधान है। इससे कर्मचारियों को त्योहारों के समय आर्थिक संबल मिलेगा।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए 10,000 रुपये की अतिरिक्त राशि स्वागत योग्य
बलदेव ठाकुर ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को वेतन संशोधन से संबंधित बकाया राशि के विरुद्ध 10,000 रुपये देने की घोषणा का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सरकारी व्यवस्था की रीढ़ हैं। कार्यालयों, संस्थानों और विभिन्न सरकारी प्रतिष्ठानों में अपनी सेवाएं देने वाले इन कर्मचारियों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में इनके आर्थिक हितों का ध्यान रखना सराहनीय कदम है।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि सरकार भविष्य में भी निम्न आय वर्ग के कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए उनके वेतन, भत्तों और अन्य वित्तीय लाभों से जुड़े मामलों का समयबद्ध समाधान करेगी।
पुरानी पेंशन योजना कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार
बलदेव ठाकुर ने कहा कि कर्मचारियों के कल्याण की चर्चा केवल वेतन और महंगाई भत्ते तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनके भविष्य की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली प्रदेश के कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय रहा है।
उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करना कर्मचारियों के प्रति सरकार की जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पेंशन कर्मचारियों के जीवनभर की सेवा और योगदान के बाद मिलने वाली आर्थिक सुरक्षा है। इसलिए कर्मचारियों एवं पेंशनरों से जुड़े सभी नीतिगत विषयों पर संवाद और संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ना आवश्यक है।
लंबित एरियर और अन्य वित्तीय देनदारियों के समाधान की उम्मीद
फेडरेशन के चेयरमैन ने कहा कि महंगाई भत्ते में वृद्धि के साथ-साथ कर्मचारियों और पेंशनरों की अन्य लंबित वित्तीय देनदारियों का समयबद्ध निपटारा भी महत्वपूर्ण है। वेतन आयोग के बकाया एरियर, महंगाई भत्ते एवं महंगाई राहत के बकाया भुगतान, सेवानिवृत्ति लाभों तथा अन्य देय राशियों से संबंधित मामलों में स्पष्ट नीति और चरणबद्ध भुगतान व्यवस्था कर्मचारियों को बड़ी राहत प्रदान कर सकती है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रदेश सरकार वित्तीय संसाधनों और बजट की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों तथा पेंशनरों की लंबित मांगों के समाधान के लिए निरंतर प्रयास करेगी। इससे कर्मचारियों का सरकार पर विश्वास और मजबूत होगा तथा प्रशासनिक व्यवस्था में सकारात्मक वातावरण बनेगा।
कर्मचारियों के कल्याण के लिए व्यापक दृष्टिकोण आवश्यक
बलदेव ठाकुर ने कहा कि कर्मचारी कल्याण का अर्थ केवल आर्थिक लाभ देना नहीं है, बल्कि कार्यस्थलों पर बेहतर सुविधाएं, समय पर पदोन्नति, रिक्त पदों को भरना, सेवा संबंधी मामलों का शीघ्र निपटारा, पारदर्शी प्रशासन और कर्मचारियों के परिवारों के हितों की रक्षा करना भी है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समय पर समाधान होने से उनका मनोबल बढ़ता है और वे अधिक उत्साह एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर पाते हैं। इसी प्रकार सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन, चिकित्सा सुविधाओं और अन्य देय लाभों से संबंधित मामलों पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि प्रदेश सरकार कर्मचारी संगठनों के साथ सकारात्मक संवाद जारी रखते हुए उनकी वास्तविक समस्याओं और जायज मांगों पर उचित निर्णय लेगी।
आर्थिक चुनौतियों के बीच कर्मचारी हितों का संतुलन जरूरी
बलदेव ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए सरकार के सामने वित्तीय संसाधनों का उचित प्रबंधन करने और विकास कार्यों को गति देने की दोहरी चुनौती है। ऐसी परिस्थितियों में कर्मचारियों को राहत देने का निर्णय महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास में कर्मचारियों की भूमिका को देखते हुए सरकार और कर्मचारी वर्ग के बीच आपसी विश्वास, सहयोग तथा संवाद बना रहना चाहिए। कर्मचारी और सरकार एक-दूसरे के पूरक हैं। जब कर्मचारियों का मनोबल ऊंचा होता है, तो सरकारी कार्यप्रणाली और जनसेवाओं की गुणवत्ता में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिलता है।