चंडीगढ़ : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत @2047 के संकल्प को साकार करने के लिए युवाओं को नशे से बचाना और उन्हें राष्ट्र निर्माण से जोड़ना जरूरी है। नशा समाज के लिए गंभीर खतरा है। इससे निपटने के लिए शिक्षक, विद्यार्थी और समाज के सभी वर्ग मिलकर नशामुक्त भारत के निर्माण को जनआंदोलन बनाएं। यह आह्वान हरियाणा के राज्यपाल एवं महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के कुलाधिपति प्रो. असीम कुमार घोष ने किया। वे रविवार को एमडीयू रोहतक में एनएसएस सेल द्वारा आयोजित नशा मुक्ति जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना कर रहे थे। राज्यपाल एवं कुलाधिपति प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी हासिल होगा, जब देश का युवा स्वस्थ, जागरूक और नशे से दूर होगा। युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग देश के विकास में होना चाहिए। इसके लिए नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और युवाओं को सामाजिक सरोकारों से जोड़ना जरूरी है। इस अवसर पर राज्यपाल की धर्मपत्नी एवं हरियाणा की प्रथम महिला श्रीमती मित्रा घोष की गरिमामयी उपस्थिति रहीं।
इस जागरूकता रैली में नेशनल इंटीग्रेशन कैंप में भाग ले रहे आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओड़िसा, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, जम्मू कश्मीर, पंजाब, हरियाणा आदि नौ राज्यों के 172 श्रेष्ठ एनएसएस स्वयंसेवकों ने पारंपरिक परिधानों में शामिल होकर नशे के खिलाफ जागरूकता का सार्थक संदेश दिया।
एमडीयू के कुलपति प्रो. मिलाप पूनिया ने स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए नशामुक्त वातावरण को जरूरी बताते हुए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया। एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक प्रो. सविता राठी ने स्वागत भाषण में नेशनल इंटीग्रेशन कैंप बारे जानकारी दी। मंच संचालन प्रो. दिव्या मल्हान ने किया।
इस अवसर पर डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. रणदीप राणा, रजिस्ट्रार प्रो. संदीप बंसल, श्रीमती राखी बंसल, डीन कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल प्रो. राजेश पूनिया, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. सपना गर्ग, खेल निदेशक कुलताज सिंह, निदेशक कैंपस फॉरेस्ट्री प्रो. सुरेंद्र यादव, निदेशक युवा कल्याण डॉ. प्रताप राठी, फैकल्टी हाउस इंचार्ज डॉ. संजीव कुमार और एनएसएस उप निदेशक प्रो. अंजू पंवार सहित एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी, स्वयंसेवक और उनके प्रभारी उपस्थित रहे।