हिसार : हरियाणा सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसवी एंड एसीबी) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए कृषि भूमि के इंतकाल (म्यूटेशन) के बदले रिश्वत मांगने वाले एक पटवारी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पटवारी महेंद्र सिंह को शिकायतकर्ता से 1700 रुपये की रिश्वत लेते समय एसीबी की टीम ने ट्रैप कार्रवाई के दौरान दबोच लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। ब्यूरो के प्रवक्ता के अनुसार, शिकायतकर्ता ने एसीबी को सूचना दी थी कि उसकी कृषि भूमि के इंतकाल की प्रक्रिया पूरी करने के लिए गांव सिसवाल, तहसील आदमपुर, जिला हिसार स्थित पटवारखाना में तैनात पटवारी महेंद्र सिंह उससे 1700 रुपये की रिश्वत मांग रहा है। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पहले तथ्यों का सत्यापन किया और शिकायत सही पाए जाने पर कार्रवाई की योजना तैयार की। इसके बाद एसवी एंड एसीबी की सिरसा इकाई ने ट्रैप ऑपरेशन आयोजित किया। तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता को आरोपी के पास भेजा गया। जैसे ही पटवारी ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, पहले से मौजूद एसीबी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की पूरी रकम भी बरामद कर ली गई।
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि ट्रैप के दौरान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 105 के तहत निर्धारित सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन किया गया। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी लगातार सक्रिय अभियान चला रही है और हाल के महीनों में कई सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। ब्यूरो का कहना है कि सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और आम नागरिकों को भ्रष्टाचार से राहत दिलाने के लिए ऐसी कार्रवाइयां आगे भी जारी रहेंगी।
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत मांगता है तो उसकी सूचना तत्काल ब्यूरो के टोल-फ्री नंबर 1800-180-2022 अथवा 1064 पर दें। ब्यूरो ने आश्वस्त किया है कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है तथा प्राप्त शिकायतों पर निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।