धर्मशाला : जिला कांगड़ा में स्वाइन फ्लू के मामलों ने स्वास्थ्य विभाग को सतर्क कर दिया है। इस साल जनवरी से लेकर अब तक जिले में स्वाइन फ्लू के 48 पॉजिटिव मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि, राहत की बड़ी बात यह है कि इस बीमारी से अब तक जिले में किसी भी मरीज की जान नहीं गई है। स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से एहतियात बरतने की अपील की जा रही है।
141 संदिग्धों की हुई जांच, मरीजों में दिख रहे हल्के लक्षण
स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, जनवरी माह से अब तक जिले में स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले 141 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। इनमें से 48 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। राहत वाली बात यह है कि अधिकांश संक्रमित मरीजों में बीमारी के लक्षण माइल्ड (हल्के) पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मरीजों को उचित उपचार दिया जा रहा है और उनकी स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है।
लक्षण दिखने पर न करें लापरवाही : सीएमओ
कांगड़ा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ओमेश भारती ने जिले के लोगों से अपील की है कि स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर इसे हल्के में न लें। उन्होंने बताया कि लगातार नाक बहना, गले में खराश, बुखार और बदन दर्द होना इस बीमारी के प्रमुख लक्षण हैं। सीएमओ ने सलाह दी है कि इम्युनिटी बनाए रखने के लिए लोग पौष्टिक आहार लें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और भीड़भाड़ वाले इलाकों में संक्रमण से बचने के लिए मास्क का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करें।
परिवार को बचाने के लिए बनाएं उचित दूरी
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि भले ही मरीजों में स्वाइन फ्लू के लक्षण हल्के हों, लेकिन सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। यह एक संक्रामक बीमारी है, जो एक व्यक्ति से दूसरे में आसानी से फैलती है। संक्रमित व्यक्ति की थोड़ी सी लापरवाही के कारण परिवार के अन्य सदस्यों को भी संक्रमण का खतरा रहता है। ऐसे में सीएमओ ने हिदायत दी है कि लक्षण महसूस होने पर तुरंत चिकित्सीय सलाहलें और घर के अन्य सदस्यों से उचित दूरी बनाए रखें।