कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने जर्मनी में म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के दौरान भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात की। सितंबर 2025 के बाद से यह उनकी पांचवीं मुलाकात थी। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों में लगातार प्रगति पर जोर दिया।
कनाडा सरकार ने एक आधिकारिक प्रेस रिलीज में कहा, “विदेश मंत्री अनीता आनंद ने जर्मनी में म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस के मौके पर भारत के विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर से मुलाकात की।” बयान में आगे कहा गया, “सितंबर 2025 के बाद से मंत्रियों के बीच यह पांचवीं मीटिंग है, जो कनाडा-भारत के संबंध में बढ़ती रफ्तार को दिखाती है, जो 75 साल से ज्यादा पुराने राजनयिक संबंधों और लोगों के बीच मजबूत संबंधों पर बनी है। मंत्रियों ने एनर्जी, तकनीक और व्यापार समेत कई क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने पर चर्चा की।”
भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका पर जोर देते हुए कनाडाई सरकार ने प्रेस रिलीज में कहा, “मंत्री आनंद ने दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक होने के नाते कनाडा के लिए एक साझेदार के तौर पर भारत की अहमियत पर ध्यान दिया।” दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बिजनेस, उद्योग और श्रमिक के लिए साझा तकनीकी फायदों और साझेदारी के बड़े मौकों की पुष्टि की।”
दोनों पक्षों ने अक्टूबर 2025 में घोषित कनाडा-भारत संबंधों के लिए जॉइंट रोड मैप पर हुई ठोस प्रगति पर भी जोर दिया और रोड मैप की प्राथमिकताओं को लागू करके संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ आर्थिक मजबूती और स्थिरता के लिए कनाडा-भारत व्यापार को बढ़ाने और उसमें विविधता लाने के लिए अपना वादा दोहराया।कनाडा के विदेश मंत्रालय ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, “विदेश मंत्री आनंद अपने भारतीय समकक्ष डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर को एमएससी2026 में कनाडा-भारत संबंध और उनकी साझा रुचियों को आगे बढ़ाने के लिए आगे के काम पर चर्चा करने के लिए देखकर खुश हुईं।”
वहीं एस. जयशंकर ने भी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए एक्स पर पोस्ट किया, “कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद के साथ बैठकर बातचीत करके बहुत अच्छा लगा। भारत-कनाडा के संबंध लगातार आगे बढ़ रहे हैं।” यह उच्च स्तरीय बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब उम्मीद है कि कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी मार्च के पहले हफ्ते में भारत का दौरा करेंगे। कनाडा में भारत के हाई कमिश्नर, दिनेश पटनायक ने संकेत दिया है कि पीएम कार्नी इस यात्रा के दौरान यूरेनियम, एनर्जी, जरूरी मिनरल्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े एग्रीमेंट्स पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।