निशियो: भारत ने आइची-नागोया में शनिवार को एशियन गेम्स 2026 में कुश्ती में दो और मेडल पक्के किए। अंतिम पंघाल और अमन सहरावत ने क्रमशः महिलाओं के 53 किग्रा और पुरुषों के फ्रीस्टाइल 57 किग्रा फाइनल में जगह बनाई, जबकि सागर जगलान और दीपक पुनिया अपनी-अपनी कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल के लिए मुकाबला करेंगे।
अंतिम ने नॉकआउट राउंड में शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंचने वाली तीसरी भारतीय महिला पहलवान बनने का कारनामा किया। पिछले एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली अंतिम ने अपने अभियान की शुरुआत कजाकिस्तान की शुगिला ओमीरबेक पर 9-0 की जीत के साथ की और फिर क्वार्टर फाइनल में उज्बेकिस्तान की साकिबजमल एस्बोसीनोवा को 8-0 से हराया।
इसके बाद उन्होंने सेमीफाइनल में चीन की जिन झांग को 6-1 से हराया। 0-1 से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए उन्होंने लगातार छह प्वाइंट हासिल किए और खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की की। अंतिम फाइनल में जापान की मो कियोका से भिड़ेंगी, जो भारतीय समयानुसार शाम 4:02 बजे शुरू होगा। फाइनल में पहुंचने के साथ ही वह गीतिका जाखड़ और विनेश फोगाट के साथ उन चुनिंदा भारतीय महिला पहलवानों की सूची में शामिल हो गई हैं जिन्होंने एशियन गेम्स के कुश्ती फाइनल में जगह बनाई है।
अमन ने भी शानदार वापसी करते हुए पुरुषों के 57 किग्रा फ़्रीस्टाइल फाइनल में अपनी जगह पक्की की। भारतीय पहलवान ने दिन की शुरुआत जापान के यामातो ओगावा पर 'तकनीकी श्रेष्ठता' के आधार पर 20-9 की जीत के साथ की और फिर क्वार्टर फाइनल में कजाकिस्तान के नुरदनात ऐतानोव को 12-1 से हराया।
ताजिकिस्तान के आइयाल बेलोल्युब्स्की के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में अमन की शुरुआत अच्छी नहीं रही। पहले हाफ के बाद वह 2-6 से पीछे थे। हालांकि, उन्होंने मैच में बेहतरीन वापसी की। दूसरे हाफ में अमन ने शानदार खेल दिखाते हुए 12 अंक बनाए और विरोधी खिलाड़ी को सिर्फ दो अंक ही लेने दिए। इस जोरदार प्रदर्शन के साथ अमन ने यह मुकाबला 14-8 से जीत लिया। अब गोल्ड मेडल के फाइनल मैच में अमन की टक्कर उत्तर कोरिया के चोंग सोंग हान से होगी।
वहीं, सागर जगलान और दीपक पूनिया अपने-अपने मुकाबलों में हार गए। हालांकि, दोनों के पास अभी भी ब्रॉन्ज मेडल जीतने का मौका है। सागर ने प्री-क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया के तुल्गा तुमुर-ओचिर को 8-1 से हराकर शानदार शुरुआत की थी। मगर क्वार्टर फाइनल में उन्हें ईरान के योनेस एमामिचोगाई के खिलाफ 0-10 से हार का सामना करना पड़ा।
इसके बाद सागर ने जोरदार वापसी की। ब्रॉन्ज मेडल की दौड़ में बने रहने के लिए उन्होंने पुरुषों के 74 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में उज्बेकिस्तान के रजाम्बेक जमालतोव को 7-3 से हराया। इस जीत के साथ सागर ने ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में अपनी जगह पक्की कर ली। दीपक ने पुरुषों के 97 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में शानदार शुरुआत की। उन्होंने अपने पहले मुकाबले में चीन के झोउ जुनपेंग को 12-2 से हराया।
इसके बाद क्वार्टर फाइनल में उन्हें बिना खेले ही जीत मिल गई, क्योंकि हांगकांग चीन के ली वुई फंग विंसेंट मुकाबले के लिए नहीं पहुंचे। इस तरह दीपक सीधे सेमीफाइनल में पहुंच गए। सेमीफाइनल में उनका सामना उज्बेकिस्तान के शेरजोड पोयोनोव से हुआ। यह मुकाबला बेहद रोमांचक और कड़ा रहा, लेकिन आखिर में दीपक 8-9 के मामूली अंतर से हार गए। हालांकि, दीपक की मेडल की उम्मीदें अभी खत्म नहीं हुई हैं। अब उनके पास ब्रॉन्ज मेडल जीतकर प्रतियोगिता का समापन करने का मौका है।