गुजरात सरकार के पूर्व एडवाइजर के साथ हुई 3.26 लाख रुपए की ठगी मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने एक गैंग के पांच मेंबर्स को गिरफ्तार किया है। इनमें उत्तर प्रदेश के बरेली जिले का दन्ना खान (55), बिहार के सिवान जिले का सोनू कुमार पांडे (29) और अनुज कुमार (26), बिहार के चंपारन जिले का गोविंदा कुमार (21) तथा अनूप कुमार तिवारी (32) शामिल हैं।
पुलिस ने दन्ना खान, अनूप कुमार और सोनू कुमार पांडे को बुड़ैल जेल में न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं अनूप कुमार तिवारी और गोविंदा कुमार का 5 दिनों का पुलिस रिमांड लिया गया है। पुलिस इनके गैंग के और सदस्यों और अन्य वारदातों का पता लगाने में जुटी है।
सितंबर में दर्ज किया था केस
चंडीगढ़ पुलिस के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने इसी वर्ष 7 सितंबर को धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं में केस दर्ज किया था। मामले में शिकायतकर्ता रिटायर एयर मार्शल और गुजरात सरकार के पूर्व एडवाइजर रविंदर कुमार थे। वह एयर फोर्स स्टेशन, 12 विंग, सेक्टर 31 में रहते हैं।
यह रिकवरी हुई है
पुलिस ने दन्ना खान से एक डेबिट कार्ड और मोबाइल फोन बरामद किया है जो बैंक खाते से लिंक था। सोनू कुमार पांडे से 2 क्रेडिट कार्ड, 2 मोबाइल फोन तथा अनुज से भी 2 मोबाइल बरामद हुए हैं। अनूप कुमार तिवारी से भी 2 मोबाइल फोन मिले हैं।
गैरकानूनी शराब बेचता था
पुलिस जांच में पता चला कि गोविंदा बिहार में गैरकानूनी ढंग से शराब बेचता है। उस पर गोपाल गंज में भी एक केस दर्ज है। वहीं अनूप पर भी ब्लैक मनी का एक केस दर्ज है। उसके कब्जे से पुलिस को 1.5 करोड़ रुपए का कैश भी मिला है। दोनों की मुलाकात गोपालगंज की जेल में हुई थी और इस प्रकार की धोखाधड़ी की प्लानिंग की।
यह काम करते थे
दन्ना राम चौथी पास है और प्रॉपर्टी डीलिंग करता था। सोनू बारहवीं पास है और मोबाइल शॉप चलाता था। दसवीं पास अनुज भी मोबाइल शॉप चलाता था। दसवीं पास गोविंदा शराब बेचता था। वहीं बारहवीं पास अनूप एक ज्वेलरी शॉप पर अकाउंटेंट था।
PSPCL का मीटर लगवाना था मगर हो गई ठगी
शिकायत के मुताबिक उन्होंने मोहाली सेक्टर 66-ए में सिग्नेचर टावर्स में एक फ्लैट खरीदा था। वह PSPCL का इलेक्ट्रिक मीटर अपने घर के लिए रजिस्टर्ड करवाना चाहते थे। गूगल पर PSPCL की साइट सर्च कर दिए हेल्पलाइन नंबर पर कॉल किया। किसी अमित कुमार ने कॉल उठाया और शिकायतकर्ता को 25 रुपए ट्रांसफर करने को कहा।
इसके बाद शिकायतकर्ता को अपने गूगल पे UPI को CRED के SBI और HDFC अकाउंट के साथ लिंक करने को कहा। जिसके बाद शिकायतकर्ता के खातों से 3,26,000 रुपए निकल गए। बाद में शिकायतकर्ता को पता चला कि यह फर्जी नंबर था।
इस तरह पकड़े गए
पुलिस ने प्राप्त शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पाया कि कुल रकम में से 1,11,500 रुपए M/s डीके इंटरप्राइसिस के खाते में ट्रांसफर हुए थे। बरेली का दन्ना खान इसका प्रोपराइटर था। 23 नवंबर को उसे बरेली से गिरफ्तार किया गया। वहीं 1,20,000 रुपए क्रेडिट कार्ड का बिल पे करने के लिए रेजर पे के जरिए ट्रांसफर हुए थे।
यह बिहार के अनुज और सोनू के नाम पर थे। इन्हें बिहार के सिसवां से पकड़ा गया। उन्होंने पूछताछ में बताया कि चंपारन, बिहार के गोविंदा और अनूप के कहने पर यह रकम ट्रांसफर की गई थी। इसके बाद 7 दिसंबर को गोविंदा और अनूप को पकड़ा गया।