वाशिंगटन : अमेरिका में रिपब्लिकन और डेमोक्रेट सांसदों के एक समूह ने इस सप्ताह एक ऐसे विधेयक को आगे बढ़ाया, जिसका उद्देश्य चीन में निर्मित मानव जैसे और चार पैरों वाले रोबोट को अमेरिका के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे का हिस्सा बनने से रोकना है।
सीनेटरों ने चेतावनी दी कि बीजिंग उसी रणनीति का इस्तेमाल कर रहा है, जिसका सहारा लेकर उसने वैश्विक ड्रोन बाजार में अपना दबदबा बनाया था। उनका कहना है कि इंटरनेट से जुड़े ऐसे चीनी रोबोट का इस्तेमाल भविष्य में जासूसी और महत्वपूर्ण प्रणालियों को नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा सकता है।
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की एनर्जी एंड कॉमर्स कमेटी की कम्युनिकेशंस एंड टेक्नोलॉजी सब कमेटी में 'गार्ड एक्ट' नाम के इस प्रस्तावित विधेयक पर सुनवाई हुई। इस दौरान संचार सुरक्षा, एआई, ब्रॉडबैंड विस्तार और अवैध रोबोकॉल से जुड़े कई विधेयकों पर भी चर्चा की गई।
रिपब्लिकन और डेमोक्रेट, दोनों दलों के सांसदों ने तर्क दिया कि अमेरिका को तब तक इंतजार नहीं करना चाहिए, जब तक चीनी रोबोटिक्स तकनीक अमेरिकी उद्योगों में व्यापक रूप से इस्तेमाल होने न लगे। उनका कहना था कि इससे पहले ही कदम उठाना जरूरी है, ताकि चीन में निर्मित रोबोट अमेरिका के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी पकड़ न बना सकें।
समिति के अध्यक्ष ब्रेट गुथरी ने कहा कि अमेरिकी कांग्रेस पहले ही चीन की कंपनियों द्वारा निर्मित दूरसंचार उपकरणों और चीन में बने ड्रोन के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। उन्होंने कहा, "हम चीन जैसे प्रतिद्वंद्वी देशों से पैदा होने वाले खतरों के प्रति लगातार सतर्क हैं और अमेरिका के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा तथा नागरिकों के डेटा की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।"
उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में सामने आई उन रिपोर्टों, जिनमें चीन से जुड़े एक कथित षड्यंत्र के तहत अमेरिका के संचार नेटवर्क को ठप करने की योजना का दावा किया गया था, से यह स्पष्ट होता है कि ऐसे सुरक्षा खतरे अब भी बने हुए हैं।
एसोसिएशन फॉर अनक्रूड व्हीकल सिस्टम्स इंटरनेशनल के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) माइकल रॉबिन्स ने अमेरिकी सांसदों से इस मुद्दे पर जल्द कार्रवाई करने की अपील की। उनका कहना था कि चीन रोबोटिक्स क्षेत्र में भी वही औद्योगिक रणनीति अपना रहा है, जिसका इस्तेमाल उसने ड्रोन उद्योग में वैश्विक बढ़त हासिल करने के लिए किया था।
संसदीय पैनल के सामने रॉबिन्स ने कहा, "ड्रोन क्षेत्र में चीन ने जिस रणनीति का इस्तेमाल किया था, अब वही तरीका रोबोटिक्स में अपनाया जा रहा है। ह्यूमनॉइड और चार पैरों वाले रोबोट का बाजार अभी शुरुआती दौर में है।"
उन्होंने चेतावनी दी कि चीनी कंपनियां पहले ही दुनिया में होने वाली ह्यूमनॉइड रोबोट की लगभग 90 प्रतिशत आपूर्ति पर कब्जा कर चुकी हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिकी शोध संस्थान भी धीरे-धीरे सरकारी सब्सिडी के कारण बेहद कम कीमत पर उपलब्ध चीनी रोबोटिक सिस्टम की ओर रुख कर रहे हैं।
रॉबिंस ने कहा, "एक छेड़छाड़ किया गया लैपटॉप डेटा को लीक कर सकता है। एक कॉम्प्रोमाइज्ड रोबोट डेटा को लीक कर सकता है और किसी फैक्ट्री, हॉस्पिटल, पावर प्लांट या मिलिट्री बेस के अंदर घूम सकता है, निगरानी कर सकता है और फिजिकली काम कर सकता है। इसलिए ऐसा हर सिस्टम अमेरिकी धरती पर एक ट्रोजन हॉर्स (मैलवेयर या हानिकारक प्रोग्राम) है।"
रॉबिंस ने कहा कि कार्रवाई में देरी करने से चीनी तकनीक पर निर्भरता बढ़ेगी और भविष्य में रोक लगाना और महंगा हो जाएगा। हम जितना ज्यादा इंतजार करेंगे, अमेरिका में इंस्टॉल्ड बेस उतना ही बढ़ेगा और बाद में नीति में बदलाव करना उतना ही मुश्किल होता जाएगा।
व्हाइट हाउस की पूर्व टेक्नोलॉजी सलाहकार लिंडसे गोरमन ने भी चेतावनी दी थी कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने साइबर सिक्योरिटी के माहौल को पूरी तरह से बदल दिया है। उन्होंने कहा, "एआई साइबर अटैक के दायरे को बहुत ज्यादा बढ़ा रहा है और अटैकर के पक्ष में अटैक-डिफेंस का संतुलन बदलने का खतरा है।"
गोरमन ने कहा कि अमेरिका को चीनी मॉडल्स के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुकाबला करने के लिए कम लागत वाले एआई विकल्प बनाने चाहिए, साथ ही अपने साथियों के साथ भरोसेमंद सप्लाई चेन को भी मजबूत करना चाहिए।
उन्होंने कहा, "अमेरिका को एक्सपोर्ट के लिए कम लागत वाले विकल्प और अपने देश में एक वाइब्रेंट ओपन-सोर्स एआई इकोसिस्टम की जरूरत है।"
उन्होंने सीनेटरों को यह भी चेतावनी दी कि चीनी कंपनियां दुनिया भर में सस्ते एआई मॉडल को बढ़ावा दे रही हैं और चेतावनी दी कि कई देश लागत के फायदे के कारण उन्हें अपना सकते हैं। पूछताछ के दौरान रॉबिंस ने कहा कि मुख्य चिंताएं आर्थिक मुकाबले से कहीं ज्यादा हैं।
उन्होंने गवाही दी, "कनेक्टेड सिस्टम के बारे में पता है कि वे डेटा को सीधे पीआरसी को भेजते हैं। ये रोबोट सेंसर के जरिए मैपिंग, निगरानी और ऑडियो इकट्ठा कर रहे हैं।"
उन्होंने चेतावनी दी कि सॉफ्टवेयर अपडेट या रिमोट एक्सेस से रोबोट जिस माहौल में काम कर रहे हैं, उसे भी बिगाड़ सकते हैं। रॉबिंस ने कहा कि अमेरिका को भी भरोसेमंद साझेदार के साथ मिलकर काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा, "जब हम चीन के तानाशाही पैमाने का सामना करने के लिए मिलकर काम करते हैं, तो हम उससे कहीं ज्यादा मजबूत होते हैं, जब कोई एक लोकतांत्रिक देश अकेले चीन के तानाशाही पैमाने का सामना करने की कोशिश करता है।"
उन्होंने जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान, इजरायल, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय साझेदारों को मुख्य सहयोगी बताया।
रोबोटिक्स के अलावा, सुनवाई में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए कम्युनिकेशन नेटवर्क को मजबूत करने, फेडरल ब्रॉडबैंड कोऑर्डिनेशन को बेहतर बनाने और गैर-कानूनी विदेशी रोबोकॉल से निपटने के प्रस्तावों पर भी विचार किया गया, जो विदेशों में चल रहे आयोजित आपराधिक नेटवर्क से तेजी से जुड़े हुए हैं।