नई दिल्ली(एजेंसी) : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान से जुड़ी धमकी के कारण ब्रिटेन के एक सैन्य अड्डे से अमेरिकी B-1 बमवर्षक विमानों को हटाया गया। ये विमान ब्रिटेन के RAF फेयरफोर्ड एयरबेस पर तैनात थे और हाल में ईरान पर अमेरिकी हमलों में इस्तेमाल किए गए थे।
ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि अमेरिकी अधिकारियों को किसी संभावित खतरे की जानकारी मिली थी और ऐसे में विमानों को वहां रखना उचित नहीं था। उन्होंने कहा कि विमानों को दूसरी जगह भेजने में ज्यादा खर्च नहीं आता और इससे खतरा कम हो जाता है। ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें पता है कि धमकी देने वाले लोग कौन थे। जब उनसे पूछा गया कि क्या उनका संबंध ईरान से था, तो ट्रंप ने कहा कि उनका संबंध ईरान से था।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी कहा कि बमवर्षक विमानों को एहतियात के तौर पर हटाया गया। उन्होंने कहा कि अमेरिका को काफी हद तक विश्वास है कि ईरान फिर से उन गतिविधियों में शामिल होने की कोशिश कर रहा है जिन्हें वह पिछले 49 वर्षों से अमेरिका और अन्य देशों के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों के रूप में करता रहा है। उन्होंने कहा कि इसी कारण अमेरिका बेहद सतर्कता बरत रहा है।
हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि बमवर्षक विमानों को अचानक हटाने और संदिग्ध ईरानी साजिश के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि पेंटागन जरूरत के अनुसार अपने संसाधनों को लगातार दूसरी जगह भेजता रहता है।
यह घटनाक्रम ब्रिटेन के RAF फेयरफोर्ड एयरबेस के पास पांच ब्रिटिश नागरिकों की गिरफ्तारी के करीब एक सप्ताह बाद हुआ। इन लोगों को आतंकवादी गतिविधियों की तैयारी के संदेह में गिरफ्तार किया गया था। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स पहले ही इस एयरबेस को वैध निशाना बता चुके हैं।
ईरान ने किसी भी साजिश में शामिल होने के आरोपों को निराधार बताया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने सोशल मीडिया मंच X पर कहा कि विदेशी देशों के लिए काम करने वाले कथित आतंकवादियों को छोड़ने से बहुत कुछ स्पष्ट हो जाता है और आरोप गलत दिशा में लगाए जा रहे हैं।